
Assam Election Result: हार के बाद कांग्रेस में इस्तीफों का दौर, प्रभारी जितेंद्र सिंह ने छोड़ा पद
असम विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी में इस्तीफों का सिलसिला शुरू हो गया है। इस क्रम में असम के प्रभारी Jitendra Singh ने पार्टी अध्यक्ष Mallikarjun Kharge को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। चुनावी नतीजों ने कांग्रेस के लिए बड़ा झटका दिया है, जबकि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है।
126 सदस्यीय असम विधानसभा में एनडीए ने दो-तिहाई बहुमत हासिल करते हुए कुल 102 सीटों पर जीत दर्ज की है। इनमें से भारतीय जनता पार्टी ने अकेले 82 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि उसके सहयोगी बोडो पीपुल्स फ्रंट (BPF) और असम गण परिषद (AGP) को 10-10 सीटें मिलीं। यह परिणाम राज्य में एनडीए की मजबूत पकड़ को दर्शाता है और पार्टी के लिए लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का मार्ग प्रशस्त करता है।
वहीं विपक्ष की बात करें तो कांग्रेस महज 15 सीटें जीत सकी और चार सीटों पर आगे रही, जो उसके लिए निराशाजनक प्रदर्शन माना जा रहा है। इसके अलावा Badruddin Ajmal की पार्टी एआईयूडीएफ और Akhil Gogoi की रायजोर दल को दो-दो सीटें मिलीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस को केवल एक सीट से संतोष करना पड़ा।
कांग्रेस के असम प्रदेश अध्यक्ष Gaurav Gogoi को भी जोरहाट सीट पर हार का सामना करना पड़ा, जहां वे भाजपा के वरिष्ठ नेता Hiten Goswami से 23,181 मतों से पराजित हुए। यह हार कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से बड़ा झटका मानी जा रही है।
वहीं असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने जालुकबारी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार बिदिशा नियोग को 89,434 मतों के भारी अंतर से हराकर लगातार छठी बार जीत दर्ज की। इसके अलावा भाजपा के कई प्रमुख नेता जैसे अजंता नियोग, रानोज पेगु, पीजूष हजारिका, कौशिक राय, प्रशांत फूकन, कृष्णेंदु पॉल और बिमल बोरा भी अपने-अपने क्षेत्रों से चुनाव जीतने में सफल रहे।
अन्य प्रमुख परिणामों में विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी ने तामुलपुर सीट पर जीत हासिल की, जबकि Akhil Gogoi ने सिबसागर सीट बरकरार रखी। महबूब मुख्तार ने ढिंग सीट जीती और तृणमूल कांग्रेस के शेरमन अली अहमद मंडिया से विजयी हुए। दूसरी ओर, पूर्व विपक्षी नेता देवव्रत सैकिया, असम जातीय परिषद के अध्यक्ष लुरिनज्योति सैकिया और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रिपुन बोरा जैसे कई बड़े चेहरे चुनाव हार गए।
असम में एनडीए की यह लगातार तीसरी जीत राज्य की राजनीति में एक बड़ा संकेत मानी जा रही है। वहीं कांग्रेस के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का अवसर बन गया है, जिसके चलते संगठन में बदलाव और जिम्मेदारियों को लेकर नई रणनीति अपनाई जा सकती है।






