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MP Fire: राजगढ़ के पचोर में पेट्रोल पंप पर भीषण आग, टैंकर चपेट में आने से 11 लोग झुलसे

MP Fire: राजगढ़ के पचोर में पेट्रोल पंप पर भीषण आग, टैंकर चपेट में आने से 11 लोग झुलसे

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के पचोर कस्बे में सोमवार रात एक भीषण अग्निकांड ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। शहर के व्यस्त क्षेत्र में स्थित ‘चुन्नीलाल मुन्नालाल भारत पेट्रोलियम’ पेट्रोल पंप पर अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि वहां खड़ा ईंधन से भरा टैंकर भी इसकी चपेट में आ गया। हादसे में 11 लोग झुलस गए, जिनमें एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना रात करीब 8:30 बजे की है। अचानक पेट्रोल पंप परिसर से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे पंप को अपनी गिरफ्त में ले लिया। इसी दौरान पेट्रोल से भरा टैंकर भी आग की चपेट में आ गया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। धमाके की आशंका के चलते आसपास के इलाकों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। कई फायर ब्रिगेड वाहनों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को खाली कराया और आसपास की बिजली सप्लाई भी बंद करवा दी ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

मौके पर एसडीएम रोहित बमोरे, थाना प्रभारी शकुंतला बामनिया और सीएमओ दीपक रानवे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते रहे। प्रशासन अब इस पूरे मामले की जांच कर रहा है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट या फिर टैंकर से पेट्रोल खाली करते समय हुई किसी लापरवाही के कारण लगी हो सकती है।

आग की चपेट में आने से 11 लोग झुलस गए, जिन्हें तुरंत एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार घायलों में एक व्यक्ति की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य का इलाज जारी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि उन्हें कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। आसमान में काले धुएं का गुबार फैल गया था, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लोगों ने राहत की बात यह बताई कि टैंकर में बड़ा विस्फोट नहीं हुआ, क्योंकि अगर ऐसा होता तो रिहायशी इलाके में भारी जान-माल का नुकसान हो सकता था।

फिलहाल प्रशासन ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया है और घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।

 

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