
Suvendu Adhikari Cabinet बंगाल में सीएम शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक, लिए गए 5 बड़े फैसले
पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने सोमवार को अपनी पहली कैबिनेट बैठक की, जिसमें कई बड़े और अहम फैसले लिए गए। बीजेपी की ‘डबल इंजन’ सरकार बनने के बाद हुई इस पहली बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता बेहतर शासन, सुरक्षा व्यवस्था और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करना होगी।
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari के साथ सभी पांच मंत्री मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत पश्चिम बंगाल के मतदाताओं, चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों को धन्यवाद देने के साथ हुई। इसके बाद सरकार ने राज्य के प्रशासन और कानून व्यवस्था से जुड़े पांच अहम फैसलों को मंजूरी दी।
पहला बड़ा फैसला राज्य में Ayushman Bharat Yojana को लागू करने का लिया गया। नई सरकार ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस योजना को पश्चिम बंगाल में लागू करेंगे, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को हर साल पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल सकेगा।
दूसरा फैसला प्रशासनिक अधिकारियों से जुड़ा रहा। सरकार ने नियमों के अनुसार आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल होने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि इससे केंद्र और राज्य प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
तीसरा और सबसे बड़ा फैसला भारतीय न्याय संहिता यानी Bharatiya Nyaya Sanhita को राज्य में लागू करने को लेकर लिया गया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली All India Trinamool Congress सरकार ने संविधान का उल्लंघन करते हुए बीएनएस को लागू नहीं किया था और राज्य में अब तक आईपीसी और सीआरपीसी के तहत काम हो रहा था। अब नई सरकार ने आधिकारिक रूप से बीएनएस लागू करने को मंजूरी दे दी है।
चौथा बड़ा फैसला सीमावर्ती इलाकों में जमीन हस्तांतरण को लेकर लिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि बॉर्डर क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बीएसएफ को जमीन ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार ने अधिकारियों को अगले 45 दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
पांचवां फैसला राजनीतिक हिंसा में जान गंवाने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों से जुड़ा है। सरकार ने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान बीजेपी के 321 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई थी। अब उनकी जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाएगी और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में तेजी से बदलती जनसंख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने जनगणना प्रक्रिया को प्रभावित कर महिलाओं के आरक्षण को रोकने की कोशिश की थी। नई सरकार ने संबंधित परिपत्र को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मंजूरी दी है।
नई सरकार के इन फैसलों को पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। बीजेपी सरकार अब राज्य में केंद्र की योजनाओं को तेजी से लागू करने और प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की तैयारी में नजर आ रही है।






