
Ghaziabad Nikah Controversy: 70 वर्षीय सपा नेता के चौथे निकाह से मचा बवाल, पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 70 वर्षीय समाजवादी पार्टी (सपा) नेता और पूर्व पार्षद हाजी खलील के चौथे निकाह ने परिवार और इलाके में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। 20 साल की युवती से निकाह करने के बाद अब उनकी दूसरी पत्नी नाजरीन ने उन पर उत्पीड़न, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पूरे मामले ने न सिर्फ परिवार के भीतर तनाव बढ़ा दिया है, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है।
गाजियाबाद के थाना कोतवाली क्षेत्र के कैला भट्टा मोहल्ले में रहने वाले हाजी खलील पहले भी कई बार विवादों में रह चुके हैं। लेकिन इस बार मामला उनके निजी जीवन से जुड़ा हुआ है, जिसने एक बड़ा रूप ले लिया है। नाजरीन, जो उनकी दूसरी पत्नी हैं, अपने बेटे के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचीं और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त को एक लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति ने उन्हें लंबे समय से प्रताड़ित किया है और अब उनकी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
नाजरीन के मुताबिक उनका निकाह वर्ष 1991 में हाजी खलील से हुआ था, लेकिन उस समय उन्हें यह नहीं बताया गया कि खलील पहले से शादीशुदा हैं। उन्होंने बताया कि खलील की पहली पत्नी से आठ बच्चे हैं, जबकि नाजरीन से उनके तीन बच्चे हैं—दो बेटियां और एक बेटा। इसके बाद वर्ष 2010 में खलील ने तीसरा निकाह किया, लेकिन उस रिश्ते से कोई संतान नहीं हुई और बाद में उन्होंने तीन तलाक देकर उस पत्नी से अलगाव कर लिया।
अब हाल ही में 70 साल की उम्र में हाजी खलील ने 20 वर्षीय युवती यासमीन से चौथा निकाह कर लिया है और उसे अपने घर ले आए हैं। इस घटना के बाद से परिवार में तनाव चरम पर पहुंच गया है। नाजरीन का आरोप है कि नई पत्नी और खलील दोनों की नजर उनकी उस संपत्ति पर है, जो उन्हें मेहर में मिली थी और जिस पर वह वर्षों से काबिज हैं। उनका कहना है कि इस संपत्ति को हड़पने के लिए साजिश रची जा रही है।
नाजरीन ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें और उनके बेटे को घर से बाहर निकाल दिया गया और जान से मारने की धमकियां दी गईं। उन्होंने पुलिस से अपनी सुरक्षा की मांग की है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।
हाजी खलील का नाम इलाके के पुराने राजनीतिक चेहरों में शामिल रहा है। वह 1995 और 2000 में इस्लामनगर वार्ड से पार्षद रह चुके हैं। हालांकि, उनके खिलाफ पहले भी नगर निगम की करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप लग चुके हैं, जिसके चलते वह पहले भी विवादों में रह चुके हैं।
इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि उन्हें शिकायत मिल चुकी है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं दूसरी ओर हाजी खलील ने भी अपनी सफाई में कहा है कि उनका और नाजरीन का संपत्ति को लेकर विवाद पहले से ही अदालत में लंबित है। उनका कहना है कि नाजरीन को कोर्ट में यह साबित करना होगा कि वह उनकी पत्नी हैं। इस बयान के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
फिलहाल यह मामला चौथे निकाह, संपत्ति विवाद और पारिवारिक तनाव के बीच उलझता नजर आ रहा है। पूरे इलाके में इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हैं और सभी की नजर अब पुलिस जांच और अदालत के फैसले पर टिकी हुई है।






