
Delhi Crime: अमन विहार में स्पीकर ठीक करने के बहाने 8 साल की बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश, आरोपी गिरफ्तार
देश की राजधानी दिल्ली के अमन विहार इलाके से एक बेहद शर्मनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में आक्रोश और डर का माहौल पैदा कर दिया है। यहां एक व्यक्ति ने स्पीकर ठीक करने के बहाने 8 साल की मासूम बच्ची को अपने घर बुलाकर उसके साथ छेड़छाड़ और यौन शोषण की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद इलाके में हंगामा मच गया और लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई और पीड़िता का बयान उसके माता-पिता की मौजूदगी में दर्ज किया गया। बच्ची के बयान के आधार पर भारतीय न्याय संहिता और POCSO Act की धारा 8 के तहत एफआईआर नंबर 169/26 दर्ज की गई। पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई शुरू की।
आरोपी की पहचान 32 वर्षीय सदरुद्दीन के रूप में हुई है, जो अमन विहार का ही रहने वाला है। जांच में सामने आया कि आरोपी पीड़िता के पिता को पहले से जानता था और इसी पहचान का फायदा उठाकर उसने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाया। पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया और बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल दिल्ली पुलिस के रोहिणी जिला की टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहले स्पीकर ठीक करने का बहाना बनाया और बच्ची को अपने घर बुलाया। वहां ले जाकर उसने मासूम के साथ गलत हरकत की। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद इलाके में लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की है और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
इस मामले पर रोहिणी जिले के डीसीपी शशांक जायसवाल ने बताया कि पुलिस पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और दोषी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितनी सतर्कता जरूरी है। माता-पिता को अपने बच्चों पर विशेष नजर रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी पुलिस को देने की आवश्यकता है। साथ ही समुदाय स्तर पर भी जागरूकता और सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।






