
Iran Nuclear Warning: परमाणु संयंत्र पर हमले से रेडिएशन फैलने की आशंका, खाड़ी देशों को दी चेतावनी
ईरान ने अपने परमाणु संयंत्रों पर हमलों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। ईरान ने कहा है कि अगर किसी हमले के कारण रेडिएशन रिसाव हुआ तो इसका विनाशकारी असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र के देश भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
यह चेतावनी बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हुए हमले के बाद सामने आई है, जिसमें एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई और एक इमारत को नुकसान पहुंचा। इस घटना के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह यूक्रेन में परमाणु संयंत्रों के आसपास सैन्य गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने चिंता जताई थी, वैसी ही प्रतिक्रिया ईरान के मामले में नहीं दिखाई जा रही है।
ईरानी विदेश मंत्री के अनुसार, इजरायल और अमेरिका पर आरोप है कि उन्होंने बुशहर परमाणु संयंत्र को कई बार निशाना बनाया है। उनका दावा है कि अगर इस तरह की गतिविधियां जारी रहीं और रेडिएशन रिसाव हुआ, तो इसका प्रभाव तेहरान से कहीं दूर खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों की राजधानियों तक पहुंच सकता है।
मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच इजरायल का कहना है कि उसका लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। वहीं इजरायल के पास खुद भी परमाणु हथियार होने का दावा अंतरराष्ट्रीय हथियार नियंत्रण संगठनों द्वारा किया जाता है, हालांकि वह इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं करता।
ईरान का परमाणु कार्यक्रम लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय विवाद का विषय रहा है। ईरान परमाणु समझौता 2015 के तहत ईरान ने कई प्रतिबंधों को स्वीकार किया था, लेकिन 2018 में अमेरिका के समझौते से हटने के बाद स्थिति बदल गई।
इसके बाद ईरान पर यूरेनियम संवर्धन बढ़ाने और पारदर्शिता कम करने के आरोप लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी कई बार ईरान के कार्यक्रम को लेकर चिंता जताई है।
फिलहाल मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और परमाणु ठिकानों पर हमलों की आशंका ने वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े हादसे की स्थिति में इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है।






