
Ganga Expressway: पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, बोले—यूपी के विकास की नई लाइफलाइन
उत्तर प्रदेश को एक और बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर सौगात देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश के विकास की नई लाइफलाइन बताते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा और गति देगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज के बीच लगभग 594 किलोमीटर की दूरी को कम समय में तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स में से एक बताते हुए कहा कि यह प्रदेश के आर्थिक विस्तार को नई उड़ान देने वाला है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत मां गंगा के स्मरण से की और “देवी सुरेश्वरी भगवती गंगे, त्रिभुवन तारिणी तरल तरंगे” श्लोक का उल्लेख करते हुए इस परियोजना को सांस्कृतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिसंबर 2021 में जिस परियोजना का शिलान्यास हुआ था, वह आज उद्घाटन के लिए तैयार है और आने वाले समय में यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हो रहा है, जहां स्पष्ट नीति और साफ नियत के साथ योजनाओं को जमीन पर उतारा जा रहा है।
उन्होंने इस मौके पर हरदोई की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता का भी उल्लेख किया और कहा कि यह वही पावन भूमि है जहां भक्त प्रह्लाद और भगवान नरसिंह की कथाएं जुड़ी हुई हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री ने पिछले नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, हाईवे, जिला मार्ग और ग्रामीण सड़कों का करीब 4 लाख किलोमीटर का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा चुका है। उनका कहना था कि यह नेटवर्क प्रदेश के समग्र विकास को नई गति दे रहा है और आने वाले समय में निवेश, रोजगार और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़े बदलाव लाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे को प्रदेश के लिए गेम चेंजर परियोजना माना जा रहा है, जो न सिर्फ यात्रा समय को कम करेगा बल्कि औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। इसके जरिए पश्चिम और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे व्यापार और आवागमन दोनों को लाभ मिलेगा।






