
Ganesh Visarjan: तेलंगाना में गणेश विसर्जन के दौरान अलग-अलग हादसे, सब-इंस्पेक्टर समेत 13 लोगों की मौत, 26 घायल
हैदराबाद। तेलंगाना में गणेश उत्सव के समापन के दौरान आयोजित विसर्जन कार्यक्रमों में अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों ने उत्सव के माहौल को गम में बदल दिया। राज्य में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान हुए विभिन्न हादसों में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर समेत 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 अन्य लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने दी है।
पुलिस के मुताबिक, गणेश विसर्जन के अंतिम दिन राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलस्रोतों, झीलों और कृत्रिम तालाबों तक पहुंचे थे। इसी दौरान अलग-अलग स्थानों पर दुर्घटनाएं हुईं। इन घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हुए। घायलों का राज्य के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
डीजीपी सीवी आनंद ने बताया कि विसर्जन कार्यक्रमों के दौरान राज्यभर में कुल 13 मौतें दर्ज की गई हैं। मृतकों में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। हालांकि, सभी घटनाओं के पीछे एक ही वजह नहीं बताई गई है। पुलिस के अनुसार कुछ मामलों में डूबने, बिजली के करंट या अन्य तकनीकी कारणों की संभावना की जांच की जा रही है। हादसों की विस्तृत परिस्थितियों को लेकर जांच और रिपोर्ट की प्रक्रिया जारी है।
गणेश विसर्जन के अंतिम दिन तेलंगाना के कई प्रमुख शहरों और कस्बों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। बड़ी संख्या में लोग ढोल-नगाड़ों और धार्मिक जयकारों के बीच गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन स्थलों तक लेकर पहुंचे। सार्वजनिक आयोजनों के साथ-साथ निजी घरों, अपार्टमेंट और विभिन्न आवासीय परिसरों में स्थापित प्रतिमाओं का भी विसर्जन किया गया।
राज्य पुलिस की ओर से इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रमुख विसर्जन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा को लेकर पुलिस एवं प्रशासन की टीमें सक्रिय थीं। इसके बावजूद अलग-अलग स्थानों पर कुछ अप्रत्याशित घटनाएं हुईं, जिनमें लोगों की जान चली गई।
पुलिस के अनुसार इस वर्ष सार्वजनिक पंडालों में करीब 1.24 लाख गणेश प्रतिमाएं स्थापित किए जाने का आधिकारिक आंकड़ा सामने आया है। वहीं, यदि घरों, अपार्टमेंट और गेटेड कम्युनिटीज में स्थापित गणेश प्रतिमाओं को भी इसमें शामिल किया जाए तो पूरे तेलंगाना में विसर्जित की जाने वाली प्रतिमाओं की संख्या करीब 3.5 लाख से 4 लाख तक पहुंचने का अनुमान है।
इतनी बड़ी संख्या में प्रतिमाओं के विसर्जन के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में विसर्जन स्थलों पर भारी भीड़ रही। कई जगहों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही देर रात तक जारी रही। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने तथा लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए अलग-अलग स्तर पर व्यवस्था की थी।
इन हादसों के बाद पुलिस और प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत भी सामने आई है। खासतौर पर जलस्रोतों के आसपास भीड़ नियंत्रण, बिजली की लाइनों और अन्य तकनीकी खतरों से बचाव तथा विसर्जन के दौरान पुलिसकर्मियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सावधानी महत्वपूर्ण हो जाती है।
विसर्जन कार्यक्रमों के दौरान घायल हुए 26 लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायलों की स्थिति अलग-अलग बताई गई है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। वहीं हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के संबंध में स्थानीय स्तर पर आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
पुलिस की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी हादसों की परिस्थितियां एक जैसी नहीं थीं। इसलिए प्रत्येक घटना के कारणों का अलग-अलग पता लगाया जा रहा है। जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन घटनाओं में डूबने, करंट, वाहन या किसी अन्य कारण की भूमिका रही।
गणेश उत्सव के दौरान तेलंगाना में लाखों प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ और अधिकांश स्थानों पर कार्यक्रम पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न कराया गया। हालांकि, अलग-अलग जगहों पर हुए हादसों ने इस बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण सवाल भी खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस घायलों के उपचार और हादसों की विस्तृत जांच में जुटी है।






