
Compensation: ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड में मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये मिलेंगे
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण बस अग्निकांड के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने हादसे पर दुख जताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
यह हादसा बुधवार देर रात यमुना एक्सप्रेसवे पर एयरपोर्ट इंटरचेंज के पास हुआ, जहां दिल्ली से उत्तर प्रदेश की ओर जा रही डबल डेकर स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि बस के भीतर मौजूद कई यात्रियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। हादसे में नौ यात्रियों की जलकर मौत हो गई। मृतकों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल बताए गए हैं।
जानकारी के अनुसार बस राज कल्पना ट्रेवल्स की थी और दिल्ली से मोहबा की ओर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों के मुताबिक एयरपोर्ट इंटरचेंज के आसपास चालक को बस के इंजन की तरफ आग लगने का पता चला। इसके बाद बस को एक्सप्रेसवे के किनारे रोका गया और आग बुझाने का प्रयास किया गया। आग तेजी से फैलने के बाद चालक और परिचालक ने यात्रियों को बाहर निकलने के लिए आवाज लगाई। अफरा-तफरी के बीच 20 से अधिक यात्री किसी तरह बस से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन नौ लोग अंदर फंस गए।
आग की सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन विभाग और यमुना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद करीब पांच घंटे तक राहत और बचाव अभियान चलाया गया। बस की बॉडी को काटकर अंदर फंसे शवों को बाहर निकाला गया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शवों की पहचान मौके पर कर पाना मुश्किल हो गया। प्रशासन अब टिकट बुकिंग से मिली जानकारी और डीएनए जांच के जरिए मृतकों की पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।
हादसे में बचे यात्रियों को भी तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। प्रशासन की ओर से सुरक्षित बचे यात्रियों को प्राथमिक उपचार दिलाने के बाद उनके आगे के सफर की व्यवस्था की गई। घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ, जिसे राहत और बचाव अभियान पूरा होने के बाद सामान्य कराया गया।
हादसे की प्रारंभिक जांच में बस में आग लगने के कारणों को लेकर कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में एसी में स्पार्क या ब्लास्ट के बाद इंजन के लुब्रिकेंट ऑयल में आग लगने और उसके तेजी से फैलने की आशंका सामने आई है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। हादसे के मामले में चालक और परिचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
इस हादसे के बाद बस के संचालन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार बस पर पहले से कई यातायात चालान लंबित थे और वाहन के संचालन से संबंधित अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बस की फिटनेस, सुरक्षा व्यवस्था और संचालन में किसी नियम का उल्लंघन हुआ था या नहीं।
फिलहाल प्रशासन का मुख्य फोकस मृतकों की पहचान, घायलों के उपचार और उनके परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर है। प्रधानमंत्री की ओर से घोषित आर्थिक मदद से मृतकों के परिवारों और घायलों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, हादसे के कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच आगे जारी है।






