
Train Accident: आंध्र प्रदेश में राज रानी एक्सप्रेस की चपेट में आए पांच छात्र, चार की मौत; एक गंभीर घायल
श्रीकाकुलम। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में बुधवार को एक दर्दनाक रेल हादसे में चार छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा टेक्कली मंडल के रविवलासा के पास हुआ, जहां रेलवे ट्रैक पर चल रहे पांच युवक राज रानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और पुलिस तथा रेलवे अधिकारियों ने पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे का शिकार हुए पांचों युवक छात्र थे और उनकी उम्र करीब 16 से 18 वर्ष के बीच बताई जा रही है। सभी टेक्कली क्षेत्र के रहने वाले थे। बताया गया कि युवक मछली पकड़ने के बाद वापस लौट रहे थे और इसी दौरान रेलवे ट्रैक के रास्ते से गुजर रहे थे। पीछे से आ रही राज रानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से चार युवकों की मौत हो गई।
हादसे में एक अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हुआ है। उसे तत्काल मौके से निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। प्रशासन ने घायल छात्र को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़े शुरुआती साक्ष्य जुटाए। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। साथ ही घायल छात्र को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पांचों युवक रेलवे ट्रैक पर चल रहे थे। इसी दौरान पीछे से ट्रेन आ गई और उन्हें इसकी जानकारी समय पर नहीं हो सकी। हालांकि, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और युवकों ने ट्रैक पर चलने का फैसला क्यों किया, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसा बेहद गंभीर था और ट्रेन की टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस तथा प्रशासन को सूचना दी। राहत दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। रेलवे अधिकारियों ने भी घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया।
मृतक छात्रों की पहचान विशाखा राव, दिलीप कुमार, शिवा और शरत के रूप में बताई गई है। चारों टेक्कली क्षेत्र के छात्र थे। हादसे में गंभीर रूप से घायल छात्र की पहचान भी अधिकारियों की ओर से की गई है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एक ही क्षेत्र के चार छात्रों की मौत की खबर सामने आने के बाद उनके परिवारों में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल और घटनास्थल की ओर पहुंचने लगे। इलाके में शोक का माहौल है और स्थानीय लोग हादसे से दुखी हैं।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों से हादसे की जानकारी ली और मृत छात्रों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने घायल छात्र को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने रेलवे और राजस्व विभाग के अधिकारियों से घटना के बारे में जानकारी ली तथा घायल छात्र के उपचार की व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। अधिकारियों से राहत और सहायता कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने को कहा गया है।
हादसे के कारणों को लेकर अभी जांच जारी है। रेलवे और पुलिस अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि छात्र किस स्थिति में रेलवे ट्रैक पर पहुंचे थे और क्या उन्हें ट्रेन के आने की जानकारी थी। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर हादसे की पूरी परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर पैदल चलने और अनधिकृत स्थानों से ट्रैक पार करने के जोखिम को सामने ला दिया है। तेज गति से चलने वाली ट्रेन के सामने आने पर कुछ ही सेकंड में स्थिति जानलेवा बन सकती है। रेलवे और प्रशासन की ओर से लोगों से लगातार अपील की जाती है कि वे रेलवे ट्रैक पर पैदल न चलें और निर्धारित रास्तों का ही इस्तेमाल करें।
फिलहाल चार छात्रों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक है, जबकि घायल छात्र का उपचार जारी है। पुलिस और रेलवे की जांच के बाद हादसे की वास्तविक परिस्थितियां और सामने आ सकती हैं। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।






