
Sarojini Nagar Encroachment Case: सरोजिनी नगर मेट्रो स्टेशन के पास कियोस्क और फुटपाथ अतिक्रमण हटाने की हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू
दिल्ली हाईकोर्ट ने सरोजिनी नगर मेट्रो स्टेशन के पास बने अवैध कियोस्क, अस्थायी दुकानों और फुटपाथ पर अतिक्रमण हटाने से संबंधित याचिका पर सुनवाई शुरू कर दी है। यह याचिका सरोजिनी मार्केट शॉप-कीपर्स एसोसिएशन द्वारा दायर की गई थी, जिसमें मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 और 2 के पास अवैध रूप से स्थापित कियोस्क और दुकानों को हटाने की मांग की गई है।
याचिका में यह भी बताया गया कि तीसरे क्रॉस रोड और विनायक मंदिर मार्ग पर फुटपाथ पर कई दुकानदार, हॉकर और ठेकेदार कब्जा किए हुए हैं। इससे न केवल पैदल चलने वालों को परेशानी हो रही है, बल्कि मेट्रो से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी सुरक्षा और सुविधा में बाधा उत्पन्न हो रही है।
शॉप-कीपर्स एसोसिएशन ने याचिका में डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन) से सभी अवैध कियोस्क और अस्थायी संरचनाएं हटाने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही एनडीएमसी (नई दिल्ली नगर निगम) से यह भी मांग की गई है कि फुटपाथ और आसपास के रास्तों पर लगातार निगरानी रखी जाए। याचिका में मेट्रो स्टेशन से बाजार तक पैदल आने-जाने के लिए सुरक्षित रास्ता बनाने की आवश्यकता भी बताई गई है, जिसमें अंडरग्राउंड सबवे, फुटओवर ब्रिज या अलग पैदल मार्ग शामिल हो सकते हैं।
न्यायमूर्ति अमित बंसल की अदालत में हुई सुनवाई में सभी पक्षों ने नोटिस स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने यूनियन ऑफ इंडिया, डीएमआरसी, एनडीएमसी समेत सभी जिम्मेदार पक्षों को 6 सप्ताह के भीतर लिखित जवाब और स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 के लिए निर्धारित की है।
हाईकोर्ट की इस सुनवाई से यह स्पष्ट होता है कि सरोजिनी नगर मेट्रो क्षेत्र में पैदल मार्ग और सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जे को लेकर न्यायिक निगरानी तेज हो रही है। यदि याचिका में मांगी गई कार्रवाई को लागू किया जाता है, तो मेट्रो यात्रियों और स्थानीय जनता के लिए सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता सुनिश्चित की जा सकेगी।






