
Bihar CM: सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री, बीजेपी विधायक दल का नेता चुने गए
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है, जहां सम्राट चौधरी को भारतीय जनता पार्टी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अब राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। पटना में आयोजित बीजेपी विधानमंडल दल की अहम बैठक में यह फैसला लिया गया, जिसने राज्य की सियासत को एक नया मोड़ दे दिया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी रही, जिससे इस फैसले की राजनीतिक अहमियत और भी बढ़ गई। बैठक के दौरान वरिष्ठ नेताओं विजय सिन्हा, मंगल पांडे और दिलीप जायसवाल ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।
बताया जा रहा है कि सम्राट चौधरी जल्द ही बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। इस घटनाक्रम के साथ ही राज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है और नई सरकार के गठन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
इससे पहले, लंबे समय तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर एक युग का अंत कर दिया। उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपते हुए अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र भी किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में उन्होंने 2005 से अब तक के विकास कार्यों को याद करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने समाज के हर वर्ग के लिए काम किया और राज्य में कानून का राज स्थापित किया।
नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कृषि जैसे कई क्षेत्रों में किए गए सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई गईं, जिससे राज्य के समग्र विकास को गति मिली।
सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने की घोषणा के बाद कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी। केंद्रीय मंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें शुभकामनाएं दीं और लिखा कि बिहार को नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। वहीं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने भी उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में बिहार में विकास कार्यों को और गति मिलेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनने वाली सरकार राज्य में “डबल इंजन” की रणनीति को आगे बढ़ाएगी, जिससे केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिल सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई सरकार किस तरह से बिहार के विकास और राजनीतिक संतुलन को साधती है।






