
BJP Organisation: स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया, भाजपा ने 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों में किए संगठनात्मक बदलाव
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। इस बदलाव में पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की ओर से नई जिम्मेदारियों की घोषणा की गई।
स्मृति ईरानी को एक साथ दो राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है। छत्तीसगढ़ में वह नितिन नबीन की जगह संगठन प्रभारी की भूमिका संभालेंगी, जिन्हें हाल ही में भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। छत्तीसगढ़ के लिए सिद्धार्थ शंभु को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। हरियाणा की संगठनात्मक जिम्मेदारी भी अब स्मृति ईरानी के पास रहेगी।
यह बदलाव भाजपा के संगठन में हाल में हुए अन्य महत्वपूर्ण फेरबदलों के बाद सामने आया है। अगस्त 2026 में स्मृति ईरानी को पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री नियुक्त किया गया था। अब उन्हें दो राज्यों का प्रभार दिए जाने के बाद वह संगठनात्मक गतिविधियों में सीधे तौर पर और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
भाजपा ने सिर्फ हरियाणा और छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देशभर के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए प्रभारी तथा सह-प्रभारियों की नई टीम तैयार की है। पार्टी की ओर से जारी सूची में चुनावी राज्यों के साथ-साथ उन राज्यों में भी संगठनात्मक जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है, जहां आने वाले समय में पार्टी को संगठन मजबूत करने की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश के लिए विनोद तावड़े को प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। दिल्ली का प्रभार विनय सहस्रबुद्धे को दिया गया है, जबकि जामयांग त्सेरिंग नामग्याल और दर्शनाबेन जरदोश को दिल्ली में सह-प्रभारी बनाया गया है।
पश्चिम बंगाल और तेलंगाना की जिम्मेदारी सुनील बंसल को दी गई है। वहीं राम माधव को तमिलनाडु और उत्तराखंड का प्रभारी बनाया गया है। मध्य प्रदेश का प्रभार विप्लव देव को और महाराष्ट्र की जिम्मेदारी बैजयंत पांडा को दी गई है।
बिहार में हरिश द्विवेदी को प्रभारी बनाया गया है। पंजाब के लिए सतीश पूनिया को जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ वीरेंद्र सचदेवा और अलका गुर्जर को सह-प्रभारी बनाया गया है। भाजपा ने कई अन्य राज्यों में भी इसी तरह प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए हैं।
भाजपा की यह नई संगठनात्मक व्यवस्था ऐसे समय सामने आई है जब कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां चल रही हैं। पार्टी के प्रभारी आमतौर पर संबंधित राज्य में संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय, चुनावी तैयारियों, स्थानीय नेताओं के साथ संवाद और संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी जैसी जिम्मेदारियां निभाते हैं।
हरियाणा और छत्तीसगढ़ में स्मृति ईरानी की नियुक्ति के बाद अब दोनों राज्यों में भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी उनके जिम्मे होगी। उन्हें प्रदेश संगठन के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय करते हुए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति को राज्य स्तर पर लागू कराने की भूमिका निभानी होगी।
छत्तीसगढ़ में स्मृति ईरानी की नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह यहां पूर्व प्रभारी नितिन नबीन के बाद जिम्मेदारी संभालेंगी। नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद प्रदेश संगठन के लिए नए प्रभारी की आवश्यकता थी। भाजपा ने इस जिम्मेदारी के लिए स्मृति ईरानी को चुना है और उनके साथ सिद्धार्थ शंभु को सह-प्रभारी बनाया है।
हरियाणा में भी संगठनात्मक गतिविधियों के लिए नई व्यवस्था की गई है। यहां प्रभारी के रूप में स्मृति ईरानी पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के साथ समन्वय करेंगी और संगठन से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों तथा राजनीतिक गतिविधियों की निगरानी करेंगी।
भाजपा के इस फेरबदल में कई वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारियां दी गई हैं। पार्टी ने राज्यों के हिसाब से प्रभारी और सह-प्रभारी की टीम बनाकर संगठनात्मक कामकाज के लिए जिम्मेदारियां स्पष्ट की हैं। इससे प्रदेश स्तर पर केंद्रीय नेतृत्व के साथ समन्वय की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से तय किया गया है।
स्मृति ईरानी के लिए यह नई जिम्मेदारी उनके राजनीतिक और संगठनात्मक सफर में एक और महत्वपूर्ण भूमिका के रूप में सामने आई है। राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने के बाद अब उन्हें दो राज्यों का प्रभार मिला है। वह पहले केंद्र सरकार में मंत्री रह चुकी हैं और भाजपा संगठन में भी विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं।
भाजपा की ओर से जारी नई नियुक्तियों के बाद अब संबंधित राज्यों में संगठनात्मक बैठकों और स्थानीय नेतृत्व के साथ समन्वय की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आने वाले समय में नए प्रभारी राज्यों में पार्टी संगठन की स्थिति, आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
फिलहाल भाजपा के इस व्यापक संगठनात्मक फेरबदल में स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी मिलना प्रमुख बदलावों में शामिल है। नई नियुक्तियों के बाद अब दोनों राज्यों में भाजपा के संगठनात्मक कामकाज की निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी उनके नेतृत्व में आगे बढ़ेगी।






