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SSC GD Exam: ऑनलाइन परीक्षा में धांधली का कथित मास्टरमाइंड अरुण उर्फ डेविल दिल्ली से गिरफ्तार, 5 राज्यों तक फैला नेटवर्क

SSC GD Exam: ऑनलाइन परीक्षा में धांधली का कथित मास्टरमाइंड अरुण उर्फ डेविल दिल्ली से गिरफ्तार, 5 राज्यों तक फैला नेटवर्क

नई दिल्ली। एसएससी जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2026 में कथित धांधली और ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली में छेड़छाड़ के मामले में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने एक अहम गिरफ्तारी की है। जांच एजेंसी ने मामले के कथित मास्टरमाइंड अरुण कुमार उर्फ डेविल को दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, अरुण ऑनलाइन परीक्षा में अभ्यर्थियों की मदद करने वाले एक सॉल्वर गैंग से जुड़ा है और इस नेटवर्क में उसकी भूमिका हैकिंग से संबंधित बताई गई है।

एसटीएफ के अनुसार, अरुण कुमार मूल रूप से बिहार के पटना जिले के पालीगंज का रहने वाला है और उसकी उम्र करीब 30 वर्ष है। वह बीए पास है और गिरफ्तारी के समय दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में रह रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि वह गौतमबुद्ध नगर के नॉलेज पार्क थाने में दर्ज एक मामले में वांछित था।

अरुण के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है। पुलिस के मुताबिक, उस पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े, आपराधिक साजिश और ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली से छेड़छाड़ से जुड़े आरोप हैं।

एसटीएफ की जांच में सामने आया कि इस मामले में ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था को तकनीकी माध्यम से प्रभावित करने की कथित कोशिश की गई थी। इससे पहले 22 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा के बालाजी डिजिटल जोन में छापेमारी कर सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उस कार्रवाई में करीब 50 लाख रुपये नकद और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा प्रॉक्सी सर्वर बरामद किए गए थे।

इस मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पहले गिरफ्तार किए गए लोगों में मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान और हैकर अमित राणा भी शामिल बताए गए हैं। पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों को अरुण कुमार उर्फ डेविल की भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके बाद उसकी तलाश तेज की गई।

जांच में एसटीएफ को कथित तौर पर यह पता चला कि अरुण और अमित राणा ने मिलकर परीक्षा प्रणाली के सर्वर से संबंधित सोर्स फाइल को डिकोड किया था। आरोप है कि दोनों ने ऐसा तकनीकी ढांचा तैयार किया, जिसके जरिए अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को परीक्षा केंद्र से बाहर बैठे व्यक्तियों द्वारा नियंत्रित किया जा सके।

पुलिस के मुताबिक, इस व्यवस्था में प्रॉक्सी सर्वर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। जांच के दौरान 12 TFT स्क्रीन, दो लैपटॉप, 11 Raspberry Pi डिवाइस, 14 वीडियो कैप्चर डिवाइस, 13 HDTV VGA एडाप्टर और नौ USB एडाप्टर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किए गए।

एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में अरुण ने बताया कि वर्ष 2019 में वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली के मुखर्जी नगर आया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात दरभंगा निवासी एक व्यक्ति से हुई। पुलिस के अनुसार, बाद में उसी संपर्क के जरिए उसने स्क्रीन शेयरिंग और हैकिंग से जुड़ी तकनीक सीखनी शुरू की।

जांच एजेंसी का दावा है कि इसके बाद अरुण धीरे-धीरे ऑनलाइन परीक्षा में इस्तेमाल होने वाली तकनीकी व्यवस्था से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हो गया। उसने कथित तौर पर मॉडिफाइड TFT और दूसरे उपकरण तैयार करने का काम भी सीखा। इसी दौरान वह ‘डेविल’ नाम से पहचान बनाने लगा।

एसटीएफ के अनुसार, अरुण का संपर्क हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर क्षेत्र में सक्रिय बताए जा रहे कई सॉल्वर गिरोहों से था। जांचकर्ताओं को आशंका है कि वह अलग-अलग भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क का हिस्सा रहा है।

जांच में वर्ष 2024 में सीतापुर में आयोजित नर्सिंग स्टाफ ऑफिसर की ऑनलाइन परीक्षा में कथित धांधली का मामला भी सामने आया है। एसटीएफ के अनुसार, उस मामले में अरुण ने पेन ड्राइव के जरिए मुख्य आरोपी को एक सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया था। इस मामले की भूमिका और मौजूदा एसएससी जीडी परीक्षा से उसके संबंधों की भी जांच की जा रही है।

एसएससी जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा देशभर में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जाती है। ऐसे में परीक्षा की ऑनलाइन प्रणाली में कथित सेंधमारी का मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियां न केवल गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका खंगाल रही हैं, बल्कि पूरे नेटवर्क के तकनीकी ढांचे और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में भी जुटी हैं।

जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि आरोपियों ने कितने अभ्यर्थियों से संपर्क किया था, कितने परीक्षा केंद्रों को निशाना बनाया गया और इस कथित नेटवर्क के जरिए कितनी परीक्षाओं में गड़बड़ी की कोशिश की गई। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, डिजिटल रिकॉर्ड और पूछताछ से मिले तथ्यों को आपस में जोड़कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

फिलहाल अरुण कुमार उर्फ डेविल की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की जांच को एक अहम कड़ी मिली है। एजेंसी उसके संपर्क में रहे कथित सॉल्वर गैंग के सदस्यों, तकनीकी सहयोगियों और परीक्षा से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क ने पहले किन-किन भर्ती परीक्षाओं को प्रभावित करने की कोशिश की थी।

 

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