
Women Safety: कालकाजी कांड के विरोध में लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्राओं का मार्च, महिला सुरक्षा को लेकर उठाई आवाज
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित दुष्कर्म की घटना के विरोध में लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्राओं ने बुधवार को विरोध मार्च निकाला। छात्राओं ने इस प्रदर्शन के जरिए महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया और राजधानी में महिलाओं तथा छात्राओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने कहा कि उनकी आवाज केवल एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ होने वाली यौन हिंसा तथा उत्पीड़न के मामलों को लेकर व्यापक चिंता को सामने रखने के लिए है। छात्राओं ने सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पर्याप्त पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग की।
यह विरोध उस घटना के बाद हुआ है जिसमें पुलिस के अनुसार 17 वर्षीय लड़की अपने 17 वर्षीय पुरुष मित्र के साथ कालकाजी मंदिर जाने के बाद आस्था कुंज पार्क पहुंची थी। आरोप है कि वहां तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को रोका और लड़की को उसके दोस्त से अलग कर पार्क के एक सुनसान हिस्से में ले गए। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद लड़की के साथ कथित अपराध किया गया, जबकि उसके पुरुष मित्र के साथ मारपीट और धमकी देने की बात भी सामने आई है।
मामले में पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है और पॉक्सो एक्ट के प्रावधान भी लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। जांच एजेंसियां अब घटना से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही हैं।
पुलिस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी की ओर से पुलिस पर गोली चलाने की बात भी सामने आई है। इसके बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई। घटना के बाद लेडी श्रीराम कॉलेज के छात्रों और प्रशासन के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी और कॉलेज परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा शुरू हुई।
घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ समय के लिए नियमित कक्षाओं की व्यवस्था में बदलाव किया। छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कराने का निर्णय लिया गया। प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया कि छात्रों की सुरक्षा और उनका कल्याण प्राथमिकता में है। जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों के लिए फैकल्टी मेंटर और काउंसलर की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई।
बुधवार को छात्राओं ने मार्च निकालकर अपनी नाराजगी और चिंता सार्वजनिक तौर पर व्यक्त की। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने कॉलेज और आसपास के इलाकों में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। उन्होंने सार्वजनिक रास्तों पर निगरानी बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों को प्रभावी बनाने और नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
छात्राओं का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा केवल व्यक्तिगत सावधानी तक सीमित नहीं होनी चाहिए। सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी व्यवस्था होना जरूरी है जिसमें महिलाएं और छात्राएं बिना डर के आ-जा सकें। प्रदर्शन के दौरान इसी तरह की संस्थागत और प्रशासनिक व्यवस्था की मांग उठाई गई।
आस्था कुंज पार्क और कॉलेज के आसपास के रास्तों को लेकर भी सुरक्षा के सवाल सामने आए हैं। घटना के बाद छात्रों और कॉलेज प्रशासन के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बातचीत हुई है। पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और आसपास के इलाकों में निगरानी मजबूत करने को लेकर भी कदम उठाए जाने की बात सामने आई है।
दिल्ली पुलिस की ओर से भी कई इलाकों में गश्त बढ़ाने की जानकारी दी गई है। महिला सुरक्षा को लेकर छात्रों और स्थानीय लोगों की चिंता के बीच पैदल गश्त, वाहन गश्त और महिला पुलिस टीमों की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
कॉलेज प्रशासन की ओर से बाद में नियमित ऑफलाइन कक्षाएं दोबारा शुरू करने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही छात्रों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को सुनने और आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है। छात्राओं की ओर से आगे भी प्रदर्शन और मार्च जारी रखने की जानकारी सामने आई है।
इस घटना के बाद महिला सुरक्षा का मुद्दा लेडी श्रीराम कॉलेज समुदाय के बीच प्रमुख चर्चा का विषय बना हुआ है। छात्राओं का कहना है कि परिसर के साथ-साथ आसपास के सार्वजनिक इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। वहीं, पुलिस की जांच मामले के आरोपियों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों पर केंद्रित है।
फिलहाल मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और जांच जारी है। दूसरी ओर छात्राओं का विरोध इस मांग के साथ जारी है कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए।






