
Chhatron Ki Goonj: इंदौर में राहुल गांधी ने छात्रों से किया संवाद, ‘अंधभक्त’ का जिक्र कर गिनाईं छह विशेषताएं
इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से शिक्षा, बेरोजगारी, पेपर लीक, सरकारी भर्तियों और संस्थाओं की कार्यप्रणाली समेत कई मुद्दों पर संवाद किया। अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने ‘अंधभक्त’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए इसकी छह विशेषताएं बताईं और दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था सवाल पूछने वाले छात्रों के बजाय सवाल नहीं पूछने वाले लोगों को बढ़ावा देती है।
राहुल गांधी ने कहा कि एक विद्यार्थी की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता सवाल पूछना और किसी विषय को जानने की जिज्ञासा रखना है। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से व्यवस्था को छात्रों से परेशानी होती है, क्योंकि छात्र शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, संस्थाओं और सरकार से जुड़े विषयों पर सवाल उठाते हैं।
उन्होंने अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे और क्रिकेट प्रशासन का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया। इसके साथ ही उन्होंने देश के बड़े कारोबार, न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल किए। ये राहुल गांधी द्वारा कार्यक्रम में व्यक्त किए गए राजनीतिक विचार और आरोप थे।
राहुल गांधी ने ‘अंधभक्त’ और विद्यार्थी के बीच अंतर बताते हुए छह बिंदुओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जिज्ञासु होता है और सवाल पूछता है, जबकि उनके शब्दों में ‘अंधभक्त’ भ्रम में रहता है और सवाल नहीं करता। उन्होंने दावा किया कि यही सबसे महत्वपूर्ण अंतर है, क्योंकि सवाल पूछने से ही व्यवस्था की कमियां सामने आती हैं।
दूसरी विशेषता बताते हुए राहुल गांधी ने कहा कि विद्यार्थी प्रेम, सम्मान और आपसी सद्भाव की बात करता है, जबकि उन्होंने ‘अंधभक्त’ पर नफरत फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने संबोधन में इसे समाज के भीतर दो अलग-अलग सोच के रूप में प्रस्तुत किया।
तीसरे बिंदु में राहुल गांधी ने विनम्रता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विनम्र होता है और दूसरे व्यक्ति की बात सुनने के लिए तैयार रहता है। इसके विपरीत उन्होंने ‘अंधभक्त’ को अहंकार से भरा हुआ बताया। यह तुलना राहुल गांधी के भाषण का हिस्सा थी।
चौथी विशेषता के रूप में उन्होंने निडरता की बात कही। राहुल गांधी ने कहा कि विद्यार्थी सवाल पूछने से डरता नहीं है और उसके भीतर व्यवस्था से सवाल करने का साहस होता है। इसके विपरीत उन्होंने ‘अंधभक्त’ को डरपोक और कायर बताया।
पांचवें बिंदु में राहुल गांधी ने महिलाओं के सम्मान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी महिलाओं का सम्मान करता है, जबकि उनके अनुसार ‘अंधभक्त’ पितृसत्तात्मक सोच रखता है और महिलाओं के प्रति अपमानजनक व्यवहार करता है। उन्होंने इसे भी दोनों के बीच एक अंतर के रूप में पेश किया।
छठी विशेषता बताते हुए राहुल गांधी ने ईमानदारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी ईमानदार होता है, जबकि उन्होंने ‘अंधभक्त’ को बेईमान और झूठ बोलने वाला बताया। ये सभी विशेषताएं राहुल गांधी की ओर से अपने संबोधन में की गई राजनीतिक और वैचारिक तुलना थीं।
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने एक वीडियो भी दिखाया। इसमें भाजपा सांसद कंगना रनौत का एक पुराना बयान भी शामिल किया गया था। वीडियो के बाद राहुल गांधी ने अपने राजनीतिक विरोधियों और समर्थकों को लेकर टिप्पणी की और कहा कि सवाल नहीं पूछना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सही नहीं है।
राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने स्कूल और कॉलेजों की स्थिति, पेपर लीक, सरकारी नौकरियों और भर्ती प्रक्रियाओं जैसे मुद्दे उठाए। उनका कहना था कि विद्यार्थियों को इन विषयों पर सवाल पूछने का अधिकार है और उनकी समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि व्यवस्था ऐसे लोगों को बढ़ावा देती है जो उससे सवाल नहीं करते। राहुल गांधी ने कहा कि विद्यार्थियों की पहचान उनकी जिज्ञासा और सवाल करने की क्षमता से होती है और देश को मजबूत बनाने के लिए युवाओं को खुलकर सवाल पूछने चाहिए।
‘छात्रों की गूंज’ राहुल गांधी का विद्यार्थियों और युवाओं से संवाद का अभियान है। इंदौर से पहले भी इस अभियान के तहत अलग-अलग शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। अभियान में पेपर लीक, शिक्षा की लागत, रोजगार और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है।
इंदौर कार्यक्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी राजनीतिक विवाद सामने आया था। पुलिस ने आयोजन के लिए कई सुरक्षा शर्तें तय की थीं। कांग्रेस ने कुछ शर्तों पर आपत्ति जताई थी, जबकि पुलिस का कहना था कि राहुल गांधी को मिली सुरक्षा श्रेणी और कार्यक्रम में संभावित भीड़ को देखते हुए ये व्यवस्थाएं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित की गई थीं।
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी के बयान के बाद ‘अंधभक्त’ को लेकर उनकी टिप्पणी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई। उनके भाषण में लगाए गए आरोप और की गई तुलनाएं कांग्रेस नेता के अपने राजनीतिक विचार हैं। इन बयानों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया सामने आ सकती है और इससे मध्य प्रदेश में शिक्षा, रोजगार और युवा मुद्दों के साथ राजनीतिक बहस भी तेज होने की संभावना है।






