
Delhi Court Update AIIMS में पिता से मिलने रोजाना 12 घंटे की इजाजत, राशिद को राहत
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश जारी करते हुए बारामूला के सांसद Engineer Rashid को 10 मई तक अपने बीमार पिता से मिलने की अनुमति दे दी है। कोर्ट के निर्देश के अनुसार वह रोजाना सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक AIIMS Delhi में अपने पिता से मिल सकेंगे, लेकिन हर दिन उन्हें वापस तिहाड़ जेल लौटना अनिवार्य होगा।
इस फैसले में कोर्ट ने अपने पहले दिए गए अंतरिम जमानत आदेश में संशोधन करते हुए स्पष्ट किया कि राशिद को केवल सीमित समय के लिए ही यह राहत दी जा रही है। बेंच ने कहा कि इस दौरान उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस की निगरानी जरूरी होगी और कम से कम दो पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में उनके साथ रहेंगे। अस्पताल परिसर में भी पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
एनआईए की ओर से इस दौरान मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर चिंता जताई गई थी, लेकिन कोर्ट ने इसे सख्ती से खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि एजेंसी को अव्यावहारिक तर्क नहीं देने चाहिए और आवश्यक स्थिति में राशिद मोबाइल का सीमित उपयोग कर सकते हैं। यह भी कहा गया कि वह अपने परिवार के सदस्यों के माध्यम से संपर्क बनाए रख सकते हैं।
राशिद ने अदालत से यह भी अनुरोध किया था कि उन्हें दिल्ली में रहने के लिए किराए के मकान की अनुमति दी जाए, लेकिन कोर्ट ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इसे अस्वीकार कर दिया। अदालत ने कहा कि बिना सत्यापन के किसी स्थान पर रहने की अनुमति देना उचित नहीं होगा और इसलिए उन्हें केवल अस्पताल आने-जाने तक सीमित रखा जाएगा।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राशिद 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं और उन पर टेरर फंडिंग के गंभीर आरोप लगे हुए हैं। एनआईए द्वारा दर्ज इस केस में उन पर अलगाववादी गतिविधियों को समर्थन देने और आर्थिक सहायता पहुंचाने के आरोप हैं।
कोर्ट का यह फैसला एक संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें कानून और मानवीय संवेदनाओं दोनों का ध्यान रखा गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि न्यायपालिका परिस्थितियों के अनुसार लचीला रुख अपनाने में सक्षम है, लेकिन सुरक्षा और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।






