
Bargi Dam Cruise Accident: जबलपुर में तेज आंधी से क्रूज डूबा, 4 की मौत, 11 लापता
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित बरगी बांध में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब पर्यटकों से भरा एक क्रूज तेज आंधी और खराब मौसम के चलते डूब गया। यह हादसा खमरिया टापू के पास शाम करीब 6 बजे हुआ, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनाई देने लगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, क्रूज में कैप्टन सहित कुल 30 लोग सवार थे। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, जिसमें अब तक 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 4 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं 11 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।
घटना के दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज हवाओं के कारण क्रूज असंतुलित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज झोंकों के चलते क्रूज में पानी भरने लगा और कुछ ही मिनटों में वह नियंत्रण खोकर डूब गया। जान बचाने के लिए कई यात्रियों को पानी में कूदते हुए भी देखा गया। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं और बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। गोताखोरों की मदद से लापता लोगों की तलाश की जा रही है। हालांकि अंधेरा बढ़ने और मौसम खराब होने के कारण राहत कार्य में काफी दिक्कतें आ रही हैं, फिर भी टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
इस हादसे के बाद क्रूज के कैप्टन महेश पटेल को भी तलाश कर सुरक्षित निकाल लिया गया है। बताया जा रहा है कि यह क्रूज मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित किया जाता है, जो रोजाना पर्यटकों को शाम के समय बांध में सैर कराता है। बरगी बांध, जो जबलपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी पर बना एक प्रमुख जलाशय है, सिंचाई, जलविद्युत उत्पादन और पर्यटन के लिए जाना जाता है। इस बांध का निर्माण वर्ष 1990 में हुआ था और यह रानी अवंतीबाई लोधी सागर परियोजना का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि प्रशासन और रेस्क्यू टीमों को तुरंत राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढना और सुरक्षित निकालना है। पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।






