
Delhi weather: दिल्ली में अचानक ठंड और बारिश का कारण, 1000 KM लंबी ‘रेन बैंड’ का असर
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट लेकर लोगों को चौंका दिया है। जहां एक ओर गर्मियों की शुरुआत हो चुकी थी, वहीं दूसरी ओर तेज बारिश और ठंडी हवाओं ने एक बार फिर सर्दी जैसा एहसास करा दिया है। कई घरों में पंखे और एसी तक बंद हो गए हैं, जिससे साफ है कि मौसम में यह बदलाव सामान्य नहीं है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस अचानक बदलाव की मुख्य वजह एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है, जिसने उत्तर भारत के मौसम को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बुधवार से शुरू हुई बारिश का सिलसिला शुक्रवार तक जारी रहा, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान करीब 16 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग 4.5 डिग्री कम है। इस स्थिति को देखते हुए विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार का वेदर सिस्टम काफी असामान्य और शक्तिशाली है। इसकी सबसे बड़ी वजह लगभग 1000 किलोमीटर लंबी एक ‘रेन बैंड’ है, जो उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय है। यह रेन बैंड एक लंबी ट्रफ लाइन के रूप में काम कर रही है, जो वातावरण में नमी और ठंडी हवाओं को लगातार बनाए हुए है। इसी कारण दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश, तेज हवाएं और तापमान में गिरावट देखी जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह ट्रफ लाइन आमतौर पर इतनी लंबी और प्रभावशाली नहीं होती, लेकिन इस बार इसका दायरा काफी बड़ा है। यही कारण है कि मौसम तेजी से बदल रहा है और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि 20 से 25 मार्च के बीच उत्तर-पश्चिम, मध्य और उत्तर-पूर्व भारत के कई हिस्सों में तेज मौसम गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर के अलावा लखनऊ, कानपुर और उत्तर प्रदेश के अन्य आंतरिक इलाकों में भी इस सिस्टम का असर बढ़ता जा रहा है। हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में भी आंधी-तूफान और बारिश की गतिविधियां देखी जा रही हैं, हालांकि कुछ क्षेत्रों में इनका असर धीरे-धीरे कम हो सकता है।
मौसम विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही बिजली गिरने और ओलावृष्टि का भी खतरा बना हुआ है। लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
सैटेलाइट इमेज में भी साफ देखा जा सकता है कि बादलों का एक विशाल सिस्टम पूरे उत्तर भारत को कवर कर चुका है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है, जिससे वहां भी भारी बारिश और तूफानी गतिविधियों की संभावना बढ़ गई है।
मौसम में इस तरह का अचानक बदलाव जहां लोगों को राहत दे रहा है, वहीं यह चेतावनी भी है कि बदलते जलवायु पैटर्न के कारण ऐसे असामान्य मौसम अब अधिक देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल, दिल्ली और आसपास के लोगों को अगले कुछ दिनों तक सावधानी बरतने की जरूरत है।






