
Delhi Police Cyber Action: तरुण के नाम पर सोशल मीडिया से 37 लाख रुपये फंडिंग मामले में 14 गिरफ्तार
दिल्ली के उत्तम नगर में तरुण हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर कुछ लोगों ने उसके परिवार के नाम पर आर्थिक मदद के बहाने आम लोगों से पैसा इकट्ठा किया। पुलिस जांच में सामने आया कि महज दो दिनों में एक बैंक खाते में करीब 37 लाख रुपये जमा हो गए। द्वारका जिला पुलिस ने तुरंत खाते को फ्रीज कराया और अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। अब तक इस मामले में 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और वीडियो वायरल हुए, जिनमें अपुष्ट और भड़काऊ दावे किए जा रहे थे। जांच में यह भी पता चला कि 10 मार्च 2026 को एक वीडियो में क्यूआर कोड दिखाकर आर्थिक मदद की अपील की गई थी, जिसमें दावा किया गया कि यह पैसा तरुण के परिवार की मदद के लिए जमा किया जा रहा है। पुलिस ने बैंक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ समन्वय करते हुए फंडिंग की निगरानी की।
इस दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को 14 और Instagram को 8 कंटेंट टेकडाउन अनुरोध भेजे गए, ताकि भड़काऊ और भ्रामक सामग्री को हटाया जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अफवाह फैलाने वाले अकाउंट्स की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांचें। अधिकारियों का कहना है कि बिना पुष्टि किए पोस्ट या वीडियो साझा करना अनजाने में अफवाह फैलाने का कारण बन सकता है।
मामले की पृष्ठभूमि यह है कि होली के मौके पर उत्तम नगर में दो समुदायों के बीच झगड़ा हुआ था। मामूली विवाद के बाद हिंसा फैल गई और 26 वर्षीय तरुण की हत्या कर दी गई। घटना के दौरान एक महिला पर गुब्बारा फेंका गया था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और मारपीट शुरू हो गई।
पुलिस ने अब तक कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। तीन महिलाएं फरार बताई जा रही थीं, जिन्हें तलाशा जा रहा है। जांच के दौरान कई संदिग्धों से पूछताछ की गई और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी गईं। सोशल मीडिया फंडिंग, अफवाहें और हिंसा की घटनाओं को मिलाकर पुलिस पूरी जांच कर रही है।
द्वारका जिला पुलिस ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर अफवाह फैलाने या लोगों को गुमराह करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कानून के तहत ऐसे मामलों में सख्त सजा का प्रावधान है और सार्वजनिक शांति भंग करने वाली किसी भी ऑनलाइन गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।






