
Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सीएम योगी का पहला बयान, बोले- SIT करेगी दूध का दूध और पानी का पानी
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को पहली बार अयोध्या पहुंचे और इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है और जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि एसआईटी इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी, इसलिए किसी को भी अनर्गल बयानबाजी करने से बचना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से मिली थी, जिसके बाद राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर तत्काल एसआईटी जांच बैठा दी गई। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल करेगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि कोई भी ऐसा बयान न दे जिससे करोड़ों रामभक्तों की भावनाएं आहत हों।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने देश के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र नायकों के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1857 के बाद अंग्रेजों ने देश के युवाओं का मनोबल तोड़ने और उन्हें दबाने का प्रयास किया, लेकिन भारत के युवाओं ने कभी हार नहीं मानी। चौरी-चौरा आंदोलन और काकोरी कांड जैसे ऐतिहासिक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देशभक्तों के संघर्ष के कारण ही अंग्रेजों को भारत छोड़ना पड़ा और देश को आजादी मिली।
सीएम योगी ने वीरांगना झलकारी बाई के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और अंग्रेजी शासन को चुनौती देने का साहस दिखाया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्र नायकों और वीरांगनाओं का सम्मान करना देशभक्ति की भावना को मजबूत करता है। इसी सोच के तहत उनकी सरकार ने महारानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना झलकारी बाई, अवंतीबाई और ऊदा देवी पासी जैसी महान हस्तियों के नाम पर कई योजनाएं और अभियान शुरू किए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में तीन पीएसी बटालियन वीरांगना झलकारी बाई, अवंतीबाई और ऊदा देवी पासी के नाम पर स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इन बटालियनों की विशेषता यह है कि इनमें केवल महिलाओं की भर्ती की जाएगी, जिससे बेटियों को सुरक्षा बलों में अधिक अवसर मिल सकें और वे देश सेवा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
जनसभा में मुख्यमंत्री ने विपक्ष, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग आज रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं, वही अतीत में रामभक्तों और कारसेवकों पर गोली चलवाने के लिए जिम्मेदार रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों का चरित्र दोहरा है और वे धार्मिक मुद्दों पर राजनीति कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार विकास और जनकल्याण के एजेंडे पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के गरीब परिवारों को मुफ्त शौचालय, राशन, आवास और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले की सरकारों में विकास कार्यों की उपेक्षा की गई और आम जनता की मूलभूत जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता की कमी थी, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं वर्षों तक अधूरी रहीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और यही कारण है कि बुनियादी सुविधाओं से लेकर धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास तक लगातार काम किया जा रहा है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें एसआईटी जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद के पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।






