
NDMC Digital Services: जन्म-मृत्यु पंजीकरण होगा पूरी तरह ऑनलाइन, 346 सार्वजनिक शौचालयों की होगी निगरानी
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने नागरिक सेवाओं को अधिक सरल, तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को तीन महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की। इन पहलों में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और पेपरलेस करना, सरकारी पशु चिकित्सालय में व्यापक ऑनलाइन पालतू पशु सेवा प्लेटफॉर्म शुरू करना और NDMC क्षेत्र के 346 सार्वजनिक शौचालयों को वरिष्ठ अधिकारियों एवं परिषद सदस्यों द्वारा गोद लेकर उनकी नियमित निगरानी करना शामिल है।
इन पहलों का शुभारंभ पालिका केंद्र, नई दिल्ली में NDMC अध्यक्ष श्री मनोज कुमार द्विवेदी ने उपाध्यक्ष श्री कुलजीत सिंह चहल के साथ किया। इस दौरान परिषद सदस्य श्री डी.पी. सिंह, सुश्री सरिता तोमर और श्री अनिल वाल्मीकि सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। NDMC के अनुसार, इन पहलों का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘सिटीजन फर्स्ट’ के विजन के अनुरूप नागरिकों को ऐसी सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिनके लिए उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
NDMC अध्यक्ष श्री मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि तीनों पहलें सार्वजनिक सेवा वितरण के अलग-अलग महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मजबूत करती हैं। जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र से जुड़ी सेवाओं में तकनीक के इस्तेमाल से नागरिकों को अधिक सुविधा मिलेगी, ऑनलाइन पशु चिकित्सा सेवाओं से पालतू पशु मालिकों को डिजिटल माध्यम से आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी और 346 सार्वजनिक शौचालयों की जमीनी निगरानी से स्वच्छता तथा जवाबदेही को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इन पहलों का प्रमुख उद्देश्य अनावश्यक भौतिक यात्राओं को कम करना, कागजी कार्यवाही और प्रतीक्षा समय घटाना, पारदर्शिता बढ़ाना तथा नागरिक सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। NDMC का कहना है कि आवश्यक नागरिक सेवाएं लोगों के लिए आसान, सुलभ और उनकी जरूरतों के प्रति संवेदनशील होनी चाहिए।
उपाध्यक्ष श्री कुलजीत सिंह चहल ने इन पहलों के शुभारंभ पर NDMC की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुरू की गई ये पहलें ‘सिटीजन फर्स्ट’ की सोच को आगे बढ़ाने का काम करेंगी। उनके अनुसार, तकनीक को नागरिकों की सुविधा से जोड़कर सार्वजनिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकता है।
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि NDMC की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पेपरलेस बनाया जा रहा है। इसके बाद नागरिक जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्रों में सुधार, जन्म प्रमाण-पत्र में बच्चे का नाम जोड़ने, घर पर हुए जन्म और मृत्यु का पंजीकरण तथा विलंबित पंजीकरण जैसी सेवाओं का ऑनलाइन लाभ उठा सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत यदि नागरिकों के दस्तावेज सही और आवश्यक जानकारी उपलब्ध है, तो उन्हें प्रमाण-पत्र के लिए नियमित रूप से नगरपालिका कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। नागरिक अपने घर से आवेदन कर सकेंगे और डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकेंगे।
NDMC अध्यक्ष ने इसे नागरिक सेवा व्यवस्था में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि ‘सिटीजन फर्स्ट’ का मतलब यही है कि प्रत्येक सरकारी सेवा को नागरिकों की सुविधा और जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाए। उनके अनुसार, जन्म और मृत्यु जैसी मूलभूत नागरिक सेवाओं के लिए लोगों को बार-बार कार्यालयों में जाकर समय और संसाधन खर्च नहीं करने पड़ने चाहिए।
नई प्रणाली की एक महत्वपूर्ण विशेषता अस्पतालों और NDMC के बीच इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जानकारी का आदान-प्रदान होगा। अस्पताल जन्म और मृत्यु से संबंधित जानकारी इलेक्ट्रॉनिक रूप से NDMC को भेज सकेंगे, जिससे संबंधित फॉर्म और दस्तावेजों को भौतिक रूप से जमा करने की आवश्यकता कम होगी। इससे पूरी प्रक्रिया अधिक तेज और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
NDMC के मुताबिक, डिजिटल प्रणाली में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र में ऑनलाइन सुधार, जन्म प्रमाण-पत्र में बच्चे का नाम जोड़ना, घर पर हुए जन्म एवं मृत्यु का पंजीकरण और विलंबित पंजीकरण जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इसके अलावा अस्पतालों से जन्म और मृत्यु संबंधी डेटा का इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन, पेपरवर्क में कमी, भौतिक यात्राओं में कमी और प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करने पर भी जोर दिया गया है।
NDMC उपाध्यक्ष श्री कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि यह पहल पहले से उपलब्ध बच्चे का नाम ऑनलाइन जोड़ने की सुविधा को आगे बढ़ाकर एक व्यापक डिजिटल सेवा प्रणाली में परिवर्तित करती है। उनका कहना है कि इससे पुराने रिकॉर्ड प्राप्त करने या अन्य संबंधित सेवाओं के लिए नागरिकों को बार-बार कार्यालय आने की परेशानी कम होगी।
इसके साथ ही NDMC ने अपने सरकारी पशु चिकित्सालय में व्यापक ऑनलाइन पालतू पशु सेवा प्लेटफॉर्म की भी शुरुआत की है। यह प्लेटफॉर्म पालतू पशु मालिकों को एक ही डिजिटल इंटरफेस के माध्यम से कई महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
नई ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से पालतू पशु मालिक अपने पशु का ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। इसके अलावा OPD अपॉइंटमेंट, टीकाकरण के लिए अपॉइंटमेंट, टीकाकरण की निर्धारित तारीख के रिमाइंडर, डिजिटल टीकाकरण प्रमाण-पत्र, स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र, डिजिटल भुगतान और पालतू पशु से संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
NDMC परिषद सदस्य सुश्री सरिता तोमर ने पशु चिकित्सालय में सुविधाओं और मरीजों के लिए उपलब्ध सेवाओं में हुए सुधार की सराहना की। उन्होंने नए विकसित ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर को भी नागरिक-केंद्रित योजना का उदाहरण बताया। उनके अनुसार, उपलब्ध स्थान का बेहतर इस्तेमाल करते हुए मरीजों और आगंतुकों के लिए अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक व्यवस्था तैयार की गई है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का एक बड़ा फायदा यह होगा कि पालतू पशु मालिकों को केवल पंजीकरण, रिकॉर्ड या प्रमाण-पत्र से संबंधित छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से OPD विवरण और टीकाकरण इतिहास को आसानी से देखा जा सकेगा। डिजिटल प्रमाण-पत्रों की सुविधा से दस्तावेज लेने के लिए अस्पताल आने की जरूरत भी कम होगी।
प्लेटफॉर्म पर पालतू पशुओं के स्वास्थ्य और जिम्मेदार पेट केयर से संबंधित Learning Management System (LMS) संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। NDMC के अनुसार, यह पहल डिजिटल सुविधा के साथ-साथ जिम्मेदार पालतू पशु देखभाल और पशु कल्याण को बढ़ावा देने में भी मदद करेगी।
तीसरी महत्वपूर्ण पहल के तहत NDMC क्षेत्र के 346 सार्वजनिक शौचालयों को वरिष्ठ अधिकारियों और परिषद सदस्यों द्वारा गोद लिया गया है। इसका उद्देश्य इन सार्वजनिक सुविधाओं की नियमित जमीनी निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों, पर्यटकों, आगंतुकों तथा अन्य लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित, कार्यशील और गरिमापूर्ण सार्वजनिक सुविधाएं मिल सकें।
परिषद सदस्य श्री अनिल वाल्मीकि ने बताया कि NDMC क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग सार्वजनिक सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए इन सुविधाओं की साफ-सफाई और उचित रखरखाव को प्राथमिकता देना जरूरी है। गोद लेने की व्यवस्था के तहत वरिष्ठ अधिकारी और परिषद सदस्य नियमित रूप से इन शौचालयों का निरीक्षण करेंगे।
निगरानी के दौरान शौचालयों की सफाई, सैनिटेशन, पानी की उपलब्धता, सैनिटरी फिटिंग्स के सही तरीके से काम करने, कचरे के समय पर निस्तारण, दुर्गंध की रोकथाम और आवश्यक उपभोग्य सामग्रियों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा शौचालयों की सामान्य स्थिति, स्वच्छता, उपयोगिता और रखरखाव की भी जांच की जाएगी।
NDMC का उद्देश्य केवल सार्वजनिक शौचालयों को उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका इस्तेमाल करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को साफ, सुरक्षित, कार्यशील और सम्मानजनक सुविधा मिले। वरिष्ठ अधिकारियों और परिषद सदस्यों की नियमित निगरानी से समस्याओं की पहचान जल्दी होने और उनके समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई की उम्मीद है।
इन तीनों पहलों के जरिए NDMC ने तकनीक और जमीनी निगरानी को एक साथ जोड़ने की कोशिश की है। एक ओर जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण जैसी जरूरी सेवाओं को डिजिटल और पेपरलेस बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पशु चिकित्सा सेवाओं को ऑनलाइन किया जा रहा है। इसके साथ सार्वजनिक शौचालयों की नियमित निगरानी के जरिए नागरिक सुविधाओं की जमीनी गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
NDMC के अनुसार, इन पहलों का व्यापक लक्ष्य स्वच्छ, हरित और प्रगतिशील नई दिल्ली की दिशा में काम करना है। तकनीक, पारदर्शिता, स्वच्छता और नागरिक सुविधा को केंद्र में रखते हुए शुरू की गई ये व्यवस्थाएं सार्वजनिक सेवाओं को अधिक सुलभ और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।






