
PM Modi Tashkent Visit: ताशकंद में पीएम मोदी ने यांगी उज्बेकिस्तान पार्क में अर्पित की पुष्पांजलि, राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव भी रहे साथ
ताशकंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा पर राजधानी ताशकंद पहुंच गए हैं। एयरपोर्ट पर उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लगातार मजबूत हो रहे द्विपक्षीय संबंधों की झलक देखने को मिली। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, निवेश, रक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होनी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ताशकंद स्थित यांगी उज्बेकिस्तान पार्क पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने पार्क में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री मोदी की राजकीय यात्रा के शुरुआती कार्यक्रमों में इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यांगी उज्बेकिस्तान पार्क उज्बेकिस्तान के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में शामिल है। इसका उद्घाटन 31 अगस्त 2021 को देश की स्वतंत्रता की 30वीं वर्षगांठ के अवसर पर किया गया था। यह पार्क आधुनिक उज्बेकिस्तान और देश की विकास यात्रा को प्रदर्शित करने वाले प्रमुख स्थलों में गिना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के बीच इस यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी प्रस्तावित है। बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे और भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की जाएगी।
दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता में व्यापार और निवेश प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेगा। भारत और उज्बेकिस्तान के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने, दोनों देशों की कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा करने तथा निवेश को बढ़ावा देने के संभावित क्षेत्रों पर विचार किया जाएगा।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर भी दोनों पक्ष चर्चा करेंगे। भारत और उज्बेकिस्तान मध्य एशिया में सुरक्षा और स्थिरता से जुड़े कई मुद्दों पर सहयोग करते रहे हैं। प्रस्तावित बातचीत में मौजूदा सहयोग की समीक्षा के साथ भविष्य में इसे और मजबूत बनाने के तरीकों पर विचार किए जाने की संभावना है।
डिजिटल कनेक्टिविटी भी दोनों देशों के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरी है। भारत की डिजिटल तकनीक और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े अनुभव को देखते हुए उज्बेकिस्तान के साथ इस क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। तकनीक आधारित सेवाओं और डिजिटल संपर्क को बढ़ाने के अवसरों पर भी दोनों पक्ष विचार करेंगे।
ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को विस्तार देना भी बातचीत के एजेंडे में शामिल है। दोनों देशों के बीच पारंपरिक और नए ऊर्जा क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में भी द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर बातचीत होने की उम्मीद है।
भारत और उज्बेकिस्तान के लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करना दोनों देशों के रिश्तों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की लंबी परंपरा है। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच सीधे संपर्क को बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को अधिक व्यापक और मजबूत बनाना है। दोनों नेता विभिन्न क्षेत्रों में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करने के साथ आने वाले वर्षों के लिए प्राथमिकताएं और साझा एजेंडा तय करने पर विचार करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की ताशकंद यात्रा से पहले उज्बेकिस्तान के युवा छात्रों का एक वीडियो भी चर्चा में रहा। प्रधानमंत्री ने शनिवार को अपनी यात्रा के लिए रवाना होने से पहले सोशल मीडिया पर यह वीडियो साझा किया, जिसमें ताशकंद के कई छात्र हिंदी भाषा में उनका स्वागत करते नजर आए।
वीडियो में उज्बेकिस्तान के छात्रों ने प्रधानमंत्री मोदी की ताशकंद यात्रा को लेकर उत्साह जाहिर किया। प्रधानमंत्री ने छात्रों के हिंदी बोलने और उनके स्वागत के अंदाज की सराहना की। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान के युवा मित्रों की ओर से मिले उत्साहपूर्ण स्वागत ने उन्हें खुशी दी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर वीडियो साझा करते हुए छात्रों के संदेश का उल्लेख किया। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर प्रसन्नता जताई कि उज्बेकिस्तान के विद्यार्थियों ने हिंदी में अपना संदेश दिया और उसे बेहद उत्साह के साथ प्रस्तुत किया।
वीडियो में ताशकंद के कई छात्र बारी-बारी से प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपना संदेश देते नजर आए। उन्होंने भारत की संस्कृति में अपनी रुचि और भारत-उज्बेकिस्तान के पुराने संबंधों का उल्लेख किया। छात्रों के हिंदी में दिए गए संदेश ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को भी सामने रखा।
एक छात्र ने अपना परिचय समंदर के रूप में देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ताशकंद में स्वागत किया। छात्र ने कहा कि ताशकंद के विद्यार्थी प्रधानमंत्री की यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। दूसरे छात्रों ने भी इसी तरह प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर अपना उत्साह व्यक्त किया।
छात्रों ने अपने संदेशों में कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी के ताशकंद आने को लेकर उत्साहित हैं और उनके स्वागत के लिए तैयार हैं। कुछ छात्रों ने भारत और उज्बेकिस्तान के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक रिश्तों का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की मध्य एशिया के देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने की नीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उज्बेकिस्तान मध्य एशिया में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और दोनों देश रणनीतिक साझेदारी के तहत कई क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं।
इस यात्रा के दौरान होने वाली उच्चस्तरीय बातचीत में मौजूदा सहयोग की समीक्षा के साथ नई संभावनाओं की पहचान किए जाने की उम्मीद है। व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाकर दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को नया विस्तार देने की दिशा में काम करेंगे।
ताशकंद पहुंचने पर राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव की ओर से प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत और इसके बाद यांगी उज्बेकिस्तान पार्क में दोनों नेताओं की मौजूदगी ने यात्रा की औपचारिक शुरुआत को रेखांकित किया। अब नजर दोनों नेताओं की प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता और उसमें तय होने वाले भविष्य के साझा एजेंडे पर रहेगी।






