
BRICS Summit: ब्रिक्स प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए नई दिल्ली को फूलों से सजा रही NDMC, लगेंगे 15 हजार से अधिक गमलेदार पौधे
नई दिल्ली। राजधानी में होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने अपने क्षेत्र को विशेष रूप से सजाने-संवारने का काम तेज कर दिया है। विदेशी प्रतिनिधियों और गणमान्य अतिथियों के स्वागत के लिए प्रमुख सड़कों, चौराहों, गोलचक्करों, बाजारों, होटलों और वीआईपी मार्गों पर बड़े स्तर पर हरित सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इसके तहत नई दिल्ली में 15 हजार से अधिक गमलेदार पौधे लगाए और प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इसके अलावा 15 प्रमुख स्थानों पर ब्रिक्स थीम वाले पुष्प बोर्ड और नौ स्थानों पर आकर्षक पुष्प फव्वारे लगाए जाएंगे।
एनडीएमसी ने 9 सितंबर को बताया कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों के तहत हरित क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण, सुधार और रखरखाव के लिए व्यापक योजना लागू की गई है। इसका उद्देश्य सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली पहुंचने वाले विदेशी मेहमानों के लिए शहर को हरा-भरा, साफ-सुथरा और आकर्षक स्वरूप देना है। इसके लिए बागवानी और लैंडस्केपिंग से जुड़े कई काम एक साथ किए जा रहे हैं।
हरित सौंदर्यीकरण योजना के तहत एनडीएमसी की अपनी नर्सरियों में तैयार किए गए 15 हजार से अधिक गमलेदार पौधों को नई दिल्ली के महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रदर्शित किया जा रहा है। इनमें प्रमुख सड़कें, चौराहे, गोलचक्कर, मार्गों के किनारे, पक्के क्षेत्र और ऐसे स्थान शामिल हैं, जहां सजावटी पौधों के माध्यम से आसपास के स्वरूप को अधिक आकर्षक बनाया जा सकता है।
नई दिल्ली के बाजार क्षेत्रों, प्रमुख होटलों के आसपास, गोलचक्करों, महत्वपूर्ण प्रवेश बिंदुओं, त्रिकोणीय भूखंडों और सेंट्रल वर्ज पर भी फूलों और सजावटी पौधों से भरे गमले लगाए जा रहे हैं। एनडीएमसी इन गमलों को केवल सामान्य तरीके से रखने के बजाय अलग-अलग कलात्मक पैटर्न और डिजाइन में व्यवस्थित कर रही है। इससे सार्वजनिक स्थानों पर हरियाली के साथ रंग-बिरंगे फूलों का आकर्षण भी दिखाई देगा।

एनडीएमसी ने प्रमुख मार्गों के खाली और बंजर हिस्सों को भी हरित क्षेत्र में बदलने का काम शुरू किया है। इन स्थानों पर झाड़ियों, वृक्षों और सजावटी पौधों को अलग-अलग स्तर पर लगाया गया है। इसका उद्देश्य सड़क किनारे मौजूद खाली स्थानों को भरने के साथ प्रमुख मार्गों पर एक समान और व्यवस्थित हरित परिदृश्य तैयार करना है।
सौंदर्यीकरण के साथ पहले से मौजूद हरियाली के रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हेज, झाड़ियों और टोपियरी की नियमित कटाई-छंटाई की जा रही है और उन्हें व्यवस्थित आकार दिया जा रहा है। एनडीएमसी का प्रयास है कि सम्मेलन के दौरान प्रमुख मार्गों के किनारे पौधों और झाड़ियों का स्वरूप साफ-सुथरा और एकरूप दिखाई दे।
पेड़ों की बढ़ी हुई शाखाओं को हटाने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिन स्थानों पर शाखाओं की वजह से रोशनी कम हो रही है या संकेतक बोर्ड स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहे हैं, वहां जरूरत के मुताबिक छंटाई की जा रही है। इससे हरियाली को व्यवस्थित रखने के साथ साइन बोर्ड की दृश्यता और सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है।
ब्रिक्स सम्मेलन की थीम को नई दिल्ली के सौंदर्यीकरण में भी प्रमुखता दी जाएगी। एनडीएमसी की योजना के अनुसार 15 स्थानों पर विशेष पुष्प बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके साथ नौ महत्वपूर्ण स्थानों पर फूलों से तैयार आकर्षक पुष्प फव्वारे स्थापित किए जाएंगे। इनकी डिजाइन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है।
ब्रिक्स प्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले प्रमुख मार्गों पर इन पुष्प सज्जाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। खास तौर पर भारत मंडपम की ओर जाने वाले रास्तों पर फूलों और पौधों के माध्यम से विशेष सजावट की जाएगी। एनडीएमसी का उद्देश्य इन मार्गों पर ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिससे विदेशी मेहमानों को राजधानी में प्रवेश के साथ ही हरियाली और फूलों के जरिए स्वागत का अनुभव मिले।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों का असर चाणक्यपुरी स्थित ब्रिक्स फ्रेंडशिप रोज गार्डन में भी दिखाई दे रहा है। एनडीएमसी ने यहां बागवानी और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को तेज कर दिया है। सत्य मार्ग पर स्थित यह उद्यान ब्रिक्स देशों के बीच मित्रता और एकता के प्रतीक के रूप में विकसित किया गया था।
ब्रिक्स फ्रेंडशिप रोज गार्डन की स्थापना वर्ष 2016 में भारत की मेजबानी में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की स्मृति में की गई थी। करीब तीन एकड़ क्षेत्र में फैले इस उद्यान में गुलाब की 107 अलग-अलग किस्में मौजूद हैं। इसका रखरखाव और प्रबंधन सीधे एनडीएमसी द्वारा किया जाता है।

सम्मेलन को देखते हुए रोज गार्डन में घास की कटाई, पौधों की छंटाई, लैंडस्केपिंग और सजावटी पुष्प व्यवस्था समेत व्यापक रखरखाव कार्य किए जा रहे हैं। उद्यान के विभिन्न हिस्सों को व्यवस्थित करने के साथ इसकी हरियाली को और बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि पूरा परिसर आकर्षक और सुव्यवस्थित नजर आए।
ब्रिक्स फ्रेंडशिप रोज गार्डन में पैदल चलने के लिए रास्ते, जलधाराएं और रंग-बिरंगे फव्वारे भी मौजूद हैं। एनडीएमसी इस पूरे क्षेत्र को सम्मेलन से पहले बेहतर स्वरूप देने में जुटी है। चाणक्यपुरी डिप्लोमैटिक एन्क्लेव और इसके आसपास के वीआईपी मार्गों पर भी बागवानी तथा सौंदर्यीकरण का काम किया जा रहा है।
चाणक्यपुरी में बड़ी संख्या में विदेशी दूतावास और राजनयिक प्रतिष्ठान होने के कारण यह इलाका ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि यहां की सड़कों, हरित पट्टियों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
एनडीएमसी के मुताबिक इन सभी कार्यों का उद्देश्य नई दिल्ली की हरियाली और लैंडस्केप को बेहतर करने के साथ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए सुव्यवस्थित और स्वागतपूर्ण वातावरण तैयार करना है। 15 हजार से अधिक गमलेदार पौधों, 15 पुष्प बोर्ड, नौ पुष्प फव्वारों और प्रमुख मार्गों पर व्यापक लैंडस्केपिंग के जरिए राजधानी के वीआईपी क्षेत्र को नया स्वरूप दिया जा रहा है।
सम्मेलन के करीब आने के साथ एनडीएमसी की टीमें प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर रखरखाव और सौंदर्यीकरण के काम में जुटी हैं। परिषद का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि ब्रिक्स प्रतिनिधियों और अन्य आगंतुकों के सामने नई दिल्ली का स्वरूप हरा-भरा, जीवंत, साफ-सुथरा और स्वागतपूर्ण नजर आए।






