
Delhi Tehsildar Assault: पटपड़गंज में तहसीलदार से मारपीट, ईस्ट दिल्ली डीएम ऑफिस की बढ़ाई गई सुरक्षा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पूर्वी जिले के पटपड़गंज इलाके में एक प्रशासनिक अधिकारी के साथ सरेआम मारपीट और बदसलूकी किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पटपड़गंज क्षेत्र में अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे तहसीलदार के साथ कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हाथापाई और अभद्रता किए जाने के बाद समूचे प्रशासनिक अमले में भारी रोष और सतर्कता का माहौल है। इस अप्रत्याशित घटना के तुरंत बाद एहतियाती कदम उठाते हुए पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी (DM) कार्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है ताकि प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यस्थल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटपड़गंज क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान तहसीलदार के साथ कुछ लोगों ने विवाद खड़ा कर दिया और देखते ही देखते गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। ड्यूटी पर तैनात एक राजपत्रित अधिकारी के साथ हुई इस हिंसा की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग तुरंत हरकत में आ गए। प्रशासनिक हलकों में इस घटना को सीधे तौर पर कानून के शासन और सरकारी व्यवस्था पर हमला माना जा रहा है।
तहसीलदार पर हुए इस हमले के तुरंत बाद पूर्वी दिल्ली के डीएम कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और सुरक्षा घेरे को बहुस्तरीय बना दिया गया। नए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत डीएम कार्यालय के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर दिल्ली पुलिस के सशस्त्र जवानों के साथ-साथ दिल्ली सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों और पेशेवर सुरक्षा गार्डों की अतिरिक्त तैनाती कर दी गई है। प्रशासनिक भवन में प्रवेश करने वाले प्रत्येक आगंतुक की मेटल डिटेक्टर से गहन जांच की जा रही है और उनके वैध पहचान पत्र व आने के कारण का पूरा रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम पर एसडीएम (SDM) गोपाल अग्रवाल ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि पीड़ित तहसीलदार की ओर से दी गई लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित कानूनी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस की टीमें घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं ताकि मारपीट में शामिल सभी हमलावरों की पहचान कर उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जा सके।
पटपड़गंज की इस घटना ने राजधानी में मैदानी स्तर पर काम करने वाले राजस्व व प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। विभिन्न प्रशासनिक संगठनों ने अधिकारियों की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग उठाई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सरकारी अधिकारी को डराने, धमकाने या उस पर हमला करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।






