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Delhi Suicide Case: एक कमरे में बुझ गईं दो जिंदगियां, पिता-पुत्र मृत मिले

Delhi Suicide Case: एक कमरे में बुझ गईं दो जिंदगियां, पिता-पुत्र मृत मिले

उत्तर पूर्वी दिल्ली के ज्योति नगर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। उत्तरी छज्जूपुर स्थित एक मकान के कमरे में 54 वर्षीय प्रवीण शर्मा और उनके 13 वर्षीय बेटे नैतिक के शव मिलने से परिवार में मातम छा गया। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि पिता ने पहले बेटे को कोई जहरीला पदार्थ दिया और उसके बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

घटना उत्तर पूर्वी दिल्ली के उत्तरी छज्जूपुर गली नंबर-3 की है। जानकारी के अनुसार प्रवीण शर्मा अपने माता-पिता और बेटे नैतिक के साथ यहां रहते थे। उनके पिता तेजवीर सिंह Ram Manohar Lohia Hospital से सेवानिवृत्त कर्मचारी बताए जा रहे हैं। शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे तक जब प्रवीण और नैतिक कमरे से बाहर नहीं निकले तो परिवार के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। जब कमरे का दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। प्रवीण शर्मा का शव फंदे से लटका हुआ था जबकि उनका बेटा नैतिक बिस्तर पर मृत पड़ा था।

घटना की सूचना मिलते ही Delhi Police और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए। पूरे इलाके में घटना के बाद सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

मेरठ से पहुंचे रिश्तेदार दिनेश कुमार ने बताया कि करीब 25 वर्ष पहले प्रवीण शर्मा एक निजी आईटी कंपनी में नौकरी करते थे। इसी दौरान उनका एक गंभीर सड़क हादसा हो गया था। हादसे में घायल होने के बाद उन्हें लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा और धीरे-धीरे उनकी नौकरी भी चली गई। स्वास्थ्य लगातार खराब रहने और रोजगार छूट जाने के कारण वह नियमित रूप से कोई काम नहीं कर सके। परिजनों के अनुसार हादसे के बाद उन्हें सिर और शरीर में लगातार दर्द की शिकायत रहती थी, जिससे वह मानसिक रूप से भी काफी परेशान रहने लगे थे।

बताया गया है कि आर्थिक तंगी और खराब स्वास्थ्य का असर उनके पारिवारिक जीवन पर भी पड़ा। प्रवीण शर्मा की पत्नी हिमानी करीब छह वर्ष पहले अपने मायके गाजियाबाद चली गई थीं और तब से दोनों अलग रह रहे थे। हाल ही में दोनों परिवारों के बीच बातचीत के बाद आपसी सहमति से अलगाव की प्रक्रिया भी चल रही थी। परिजनों का कहना है कि लगातार बढ़ती आर्थिक परेशानियों, बीमारी और पारिवारिक तनाव ने प्रवीण को गहरे मानसिक दबाव में डाल दिया था।

फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चे की मौत कैसे हुई और घटना के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है। एक ही कमरे से पिता और बेटे के शव मिलने की इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।

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