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Delhi Lok Adalat 2026: दिल्ली में 25 अक्टूबर को लगेगी लोक अदालत, 30 जून तक के पेंडिंग ट्रैफिक चालान निपटाने का मौका

Delhi Lok Adalat 2026: दिल्ली में 25 अक्टूबर को लगेगी लोक अदालत, 30 जून तक के पेंडिंग ट्रैफिक चालान निपटाने का मौका

दिल्ली में वाहन चालकों को पुराने ट्रैफिक चालानों के निपटारे का मौका मिलने जा रहा है। राजधानी में 25 अक्टूबर 2026 को नेशनल लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसके उद्देश्य से दिल्ली के सात स्थानों पर व्यवस्था की जाएगी, जहां पात्र मामलों में लंबित ट्रैफिक चालानों का निपटारा कराया जा सकेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DSLSA) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, लोक अदालत में उन समझौता योग्य ट्रैफिक चालानों पर सुनवाई होगी, जो 30 जून 2026 तक लंबित थे। ऐसे में जिन वाहन मालिकों के पुराने चालान अभी तक जमा नहीं हुए हैं, वे अपनी पात्रता जांचकर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।

नेशनल लोक अदालत की तारीख पहले 12 सितंबर तय की गई थी। इसके बाद इसे 10 अक्टूबर तक के उद्देश्य से आगे बढ़ाया गया, लेकिन अब सुनवाई की नई तारीख 25 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इस बदलाव के बाद वाहन चालकों को अपने लंबित चालानों के निपटारे के उद्देश्य से एक और अवसर मिला है। हालांकि, लोक अदालत में हर तरह के चालान का निपटारा होना जरूरी नहीं है। केवल उन्हीं मामलों पर विचार किया जाएगा, जो निर्धारित नियमावली के तहत समझौता योग्य हैं और तय तारीख तक लंबित थे। जुलाई, अगस्त, सितंबर या अक्टूबर 2026 में जारी चालान इस निर्धारित श्रेणी में शामिल नहीं होंगे।

लोक अदालत में अपने चालान का निपटारा कराने के उद्देश्य से वाहन मालिकों को पहले ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चालान की स्लिप या टोकन डाउनलोड करने की सुविधा 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से शुरू होनी है। यह सुविधा प्रतिदिन अधिकतम 50,000 चालानों तक सीमित रहेगी और कुल दो लाख चालानों की सीमा निर्धारित की गई है। इसलिए वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपनी पात्रता जांचें और टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी करें। निर्धारित सीमा पूरी होने पर स्लिप डाउनलोड करने का अवसर प्रभावित हो सकता है।

लोक अदालत में जाने से पहले वाहन मालिकों को अपने चालान का विवरण, टोकन या अपॉइंटमेंट स्लिप और जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस तथा पहचान पत्र साथ रखना उपयोगी रहेगा। संबंधित चालान की पात्रता और सुनवाई के स्थान की जानकारी आधिकारिक पोर्टल से जांचना जरूरी है। बिना निर्धारित टोकन या जरूरी दस्तावेजों के पहुंचने पर परेशानी हो सकती है। वाहन मालिकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका मामला उसी श्रेणी में आता हो, जिसे लोक अदालत में निपटाने की अनुमति दी गई है।

लोक अदालत का मकसद ऐसे मामलों का आपसी सहमति और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से जल्द निपटारा करना है, जिन्हें समझौते के आधार पर सुलझाया जा सकता है। सुनवाई के समय मामले के तथ्यों और लागू नियमावली के अनुसार चालान की राशि कम करने या अन्य उपयुक्त राहत पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, चालान माफ होना या जुर्माने में छूट मिलना अपने आप सुनिश्चित नहीं है; अंतिम निर्णय संबंधित मामले और अधिकृत प्राधिकारी के अनुसार होगा। इसलिए वाहन चालकों को किसी निश्चित छूट की उम्मीद करने के बजाय अपने मामले की स्थिति और नियमों की जानकारी पहले ही प्राप्त कर लेनी चाहिए।

दिल्ली में बड़ी संख्या में वाहन चालकों के चालान लंबित रहते हैं। ऐसे मामलों के निपटारे के उद्देश्य से लोक अदालत एक वैकल्पिक मंच उपलब्ध कराती है, जिससे पात्र मामलों में नियमित अदालती प्रक्रिया की लंबाई कम हो सकती है। यदि आपके वाहन का चालान 30 जून 2026 तक लंबित था, तो 25 अक्टूबर की लोक अदालत के उद्देश्य से उसकी पात्रता और टोकन डाउनलोड की स्थिति जरूर जांचें। सही जानकारी के उद्देश्य से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक पोर्टल और दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सूचनाओं पर भरोसा करें।

 

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