
CJP Protest: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बीच वायरल वीडियो के बाद विजेता दहिया प्रवक्ता पद से हटाए गए
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई उस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद की गई, जिसमें वह जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान एक मॉल के बर्गर आउटलेट पर दिखाई दे रहे थे। उस समय प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पार्टी ने उनके व्यवहार को आंदोलन के मूल्यों के विपरीत बताते हुए उनसे सभी आधिकारिक जिम्मेदारियां भी वापस ले ली हैं।
CJP ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान जब पार्टी के कार्यकर्ता और प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे थे, उसी समय सामने आया यह वीडियो बेहद असंवेदनशील है। पार्टी ने कहा कि ऐसा व्यवहार उसके सिद्धांतों और आंदोलन की भावना के अनुरूप नहीं है, इसलिए विजेता दहिया को तत्काल प्रभाव से प्रवक्ता पद से हटाने का निर्णय लिया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में विजेता दहिया एक मॉल के बर्गर आउटलेट पर नजर आते हैं। वीडियो में कुछ युवक उनसे सवाल करते हुए सुनाई देते हैं कि जब प्रदर्शनकारी सड़क पर आंदोलन कर रहे थे, तब वह बर्गर क्यों खा रहे थे। हालांकि, इस वीडियो के रिकॉर्ड होने का समय, स्थान और परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
विवाद बढ़ने के बाद विजेता दहिया ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वह पिछले लगभग डेढ़ महीने से लगातार आंदोलन में सक्रिय हैं और पिछले दो दिनों से ठीक से सो भी नहीं पाए थे। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को भूख लगने पर खाना खाना सामान्य बात है और इसे विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी वेतन या व्यक्तिगत लाभ के लिए आंदोलन का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि अपनी इच्छा से देश के लिए काम कर रहे हैं।
हालांकि, विजेता दहिया की इंस्टाग्राम पोस्ट के कैप्शन में यह भी लिखा गया कि उन्होंने बर्गर नहीं खाया क्योंकि उसमें मैदा और ट्रांस फैट था तथा उन्होंने कहीं और भोजन करने का फैसला किया। उनके इस बयान और वीडियो के बीच अंतर को लेकर भी सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
गौरतलब है कि विजेता दहिया इससे पहले भी अपने कुछ बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। ट्रांसजेंडर समुदाय और महिलाओं की राजनीति में भागीदारी से जुड़ी उनकी टिप्पणियों की भी सोशल मीडिया और विभिन्न वर्गों द्वारा आलोचना की गई थी।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब CJP नीट पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है। हाल ही में पार्टी ने जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया और संसद मार्च भी निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी तथा प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया था।
विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटाने के फैसले को पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक अनुशासन और आंदोलन की विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है और इस घटनाक्रम ने CJP के आंदोलन के बीच एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।






