
Mandla Ganesh Pandal Accident: गणेश विसर्जन के बाद पंडाल में फैला करंट, 4 युवकों की मौत, 3 घायल
मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में गणेश विसर्जन के बाद एक दर्दनाक हादसा हो गया। नैनपुर थाना क्षेत्र के हीरापुर गांव के खिरका मोहल्ले में शनिवार सुबह गणेश पंडाल में करंट फैलने से चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। बताया जा रहा है कि गणेश प्रतिमा के विसर्जन के बाद कुछ युवक रात में पंडाल के मंच पर ही सो गए थे। सुबह अचानक पंडाल में बिजली का करंट फैल गया, जिसकी चपेट में वहां मौजूद युवक आ गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गणेश प्रतिमा का विसर्जन शुक्रवार को किया गया था। विसर्जन कार्यक्रम पूरा होने के बाद आयोजन से जुड़े कुछ युवक रात में पंडाल में रुक गए थे। इसी दौरान शनिवार तड़के पंडाल में बिजली का करंट फैल गया। हादसे में चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य युवक करंट की चपेट में आने से झुलस गए।
मृतकों की पहचान जैनू भांवरे, रवि झारिया, कृष्ण कुमार भांवरे और वीरेंद्र भांवरे के रूप में हुई है। बताया गया है कि मृतकों की उम्र करीब 18 से 24 वर्ष के बीच थी। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू की। घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका उपचार जारी है।
प्रारंभिक जांच में बिजली का तार टूटकर या किसी अन्य कारण से पंडाल के संपर्क में आने की आशंका जताई जा रही है, जिससे पूरे मंच में करंट फैल गया। हालांकि हादसे का वास्तविक कारण पुलिस और विद्युत विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पंडाल में बिजली की व्यवस्था किस तरह की गई थी और करंट फैलने की वजह क्या रही।
हादसे के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर बिजली आपूर्ति को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित कराया और आसपास के क्षेत्र को जांच के लिए सुरक्षित किया। मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पंडाल में बिजली के तारों और अन्य उपकरणों की स्थिति कैसी थी तथा आयोजन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
गणेश उत्सव के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल था, लेकिन विसर्जन के कुछ ही घंटों बाद हुई इस घटना से गांव में मातम छा गया। मृतकों के परिवारों को जैसे ही हादसे की सूचना मिली, उनके घरों में कोहराम मच गया। परिजन घटनास्थल और अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। गांव के लोगों में भी इस घटना को लेकर गहरा दुख और आक्रोश है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, गणेश विसर्जन के बाद पंडाल में युवक रात में आराम करने के लिए रुक गए थे। इसी दौरान सुबह अचानक बिजली का करंट फैलने की घटना हुई। लोगों ने तुरंत बचाव का प्रयास किया और पुलिस को सूचना दी। हालांकि जब तक मदद पहुंचती, चार युवकों की जान जा चुकी थी।
प्रशासन की ओर से हादसे के बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। विद्युत व्यवस्था से जुड़े तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि बिजली का तार कैसे पंडाल के संपर्क में आया और क्या हादसे को समय रहते रोका जा सकता था।
मंडला की इस घटना ने धार्मिक आयोजनों के दौरान बिजली सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को भी सामने ला दिया है। बड़े पंडालों में अस्थायी बिजली कनेक्शन, तारों की व्यवस्था और आयोजन स्थल पर सुरक्षा उपायों को लेकर विशेष सावधानी जरूरी होती है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है और हादसे में घायल लोगों के उपचार की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
ग्रामीणों और परिजनों के बीच इस हादसे को लेकर शोक का माहौल बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन की टीम घटना के हर पहलू की जांच कर रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।






