
Student Death: मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में 6 दिन के भीतर दूसरे छात्र की मौत, ABVP प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प
राजकोट। गुजरात के राजकोट स्थित मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में छह दिन के भीतर दूसरे छात्र की मौत का मामला सामने आया है। मृतक छात्र की पहचान आंध्र प्रदेश निवासी हेमंत गंदमाने के रूप में हुई है, जो यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस विभाग में तीसरे वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। शुक्रवार सुबह हुई घटना के बाद कैंपस में तनाव बढ़ गया और छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे। मामले के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने यूनिवर्सिटी परिसर में प्रदर्शन किया, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई।
जानकारी के मुताबिक, हेमंत ने घटना से पहले यूनिवर्सिटी में दो लेक्चर अटेंड किए थे। इसके बाद उसकी मौत की खबर सामने आई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीमें यूनिवर्सिटी पहुंचीं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि छात्र की मौत के पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका थी और घटना से पहले उसके साथ क्या हुआ था।
यह घटना उस मामले के ठीक छह दिन बाद सामने आई है, जब कंप्यूटर साइंस विभाग की एक छात्रा की भी मौत हुई थी। उस मामले में भी यूनिवर्सिटी की इमारत से गिरने की जानकारी सामने आई थी। पहली घटना की परिस्थितियों को लेकर जांच चल ही रही थी कि अब दूसरे छात्र की मौत ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और छात्रों की चिंता बढ़ा दी है।
मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार निधीश वर्गीस ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर दूसरी ऐसी घटना से प्रशासन दुखी है। उन्होंने बताया कि हेमंत पढ़ाई में अच्छा छात्र था और यूनिवर्सिटी की ओर से पुलिस जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। प्रशासन ने मामले से संबंधित आवश्यक जानकारी जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराने की बात कही है।
हेमंत के दोस्त ऋषिकेश ने यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार पिंटो मेनन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका दावा है कि घटना से एक दिन पहले रजिस्ट्रार ने हेमंत को डांटा था और उसके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया था। दोस्त ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों से दूसरे राज्यों से आकर यहां पढ़ाई न करने जैसी बातें कही गई थीं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और छात्र की मौत से इन दावों का कोई सीधा संबंध था या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटना के बाद राजकोट पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए यूनिवर्सिटी परिसर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक एसीपी, एसओजी और स्थानीय पुलिस की टीमें जांच में शामिल हैं। परिवार के सदस्यों, दोस्तों, शिक्षकों और यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं छात्र किसी तरह की रैगिंग या अन्य दबाव का सामना तो नहीं कर रहा था।
दूसरे छात्र की मौत के बाद ABVP और NSUI की ओर से यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया। ABVP कार्यकर्ताओं ने कैंपस में प्रदर्शन किया और छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई।
मौके से सामने आए वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प दिखाई दे रही है। प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर थप्पड़ मारने और लाठी चलाने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस कार्रवाई में कुछ ABVP कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है, जिन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। प्रदर्शन के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई।
मारवाड़ी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी मामले की आंतरिक जांच के लिए एक कमेटी गठित की है। पुलिस और यूनिवर्सिटी की अलग-अलग जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छात्र की मौत से पहले उसके साथ क्या परिस्थितियां थीं। फिलहाल पुलिस ने किसी एक कारण को घटना की वजह नहीं माना है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।






