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Asian Games 2026: मीराबाई चानू ने जीता सिल्वर, मनु भाकर 10 मीटर एयर पिस्टल में पांचवें स्थान पर रहीं

Asian Games 2026: मीराबाई चानू ने जीता सिल्वर, मनु भाकर 10 मीटर एयर पिस्टल में पांचवें स्थान पर रहीं

नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 के चौथे दिन भारत के लिए निशानेबाजी और भारोत्तोलन में अलग-अलग नतीजे सामने आए। स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं की 49 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर एशियन गेम्स में अपना पहला पदक हासिल किया। दूसरी ओर, दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल के व्यक्तिगत फाइनल में पांचवें स्थान पर रहीं और पदक से चूक गईं। मीराबाई की उपलब्धि के साथ भारत ने 28 साल बाद एशियन गेम्स के भारोत्तोलन में पदक हासिल किया।

मीराबाई चानू ने फाइनल में कुल 198 किलोग्राम वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के साथ वह दूसरे स्थान पर रहीं और रजत पदक अपने नाम किया। उत्तर कोरिया की री सॉन्ग गुम ने 215 किलोग्राम के कुल वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि इंडोनेशिया की लुलुक डायना ट्राई विजायाना ने 191 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

मीराबाई के लिए यह पदक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले वह एशियन गेम्स में पदक नहीं जीत सकी थीं। 2014, 2018 और 2022 के संस्करणों में अलग-अलग परिस्थितियों के कारण उनका अभियान पोडियम तक नहीं पहुंच पाया था। अब नागोया में रजत पदक के साथ उन्होंने उस इंतजार को खत्म कर दिया। उनके इस पदक ने भारतीय भारोत्तोलन को भी लंबे अंतराल के बाद एशियन गेम्स में सफलता दिलाई। भारत ने इससे पहले 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी के जरिए भारोत्तोलन में पदक जीता था।

मीराबाई ने स्नैच राउंड की शुरुआत 83 किलोग्राम के सफल प्रयास से की और फिर 85 तथा 87 किलोग्राम उठाकर अपनी स्थिति मजबूत की। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 111 किलोग्राम का सफल प्रयास किया, जिसने उन्हें रजत पदक की स्थिति में पहुंचा दिया। दूसरी ओर, री सॉन्ग गुम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता में कई रिकॉर्ड बनाए और 215 किलोग्राम के कुल वजन के साथ स्वर्ण अपने नाम किया।

वहीं, निशानेबाजी में मनु भाकर से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में उन्हें पांचवें स्थान से संतोष करना पड़ा। मनु ने क्वालिफिकेशन में 579 अंक और 20 इनर-10 के साथ तीसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। आठ निशानेबाजों के फाइनल में शुरुआत के बाद वह पदक की दौड़ में बनी रहीं, लेकिन अंतिम चरण में पांचवें स्थान पर बाहर हो गईं। उनका फाइनल स्कोर 181.1 रहा।

मनु भाकर ने फाइनल की शुरुआत 50.8 के स्कोर से की और शुरुआती दौर में अच्छी स्थिति बनाए रखी। वह कई चरणों तक पदक की दावेदारी में शामिल रहीं, लेकिन 18वें शॉट के बाद उन्हें प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा। उनके इस प्रदर्शन के चलते भारत को महिलाओं की व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल में पदक नहीं मिल सका। दक्षिण कोरिया की चू गैउन ने 246.3 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता और एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया। चीन की शेन यियाओ ने रजत और जियांग रानशिन ने कांस्य पदक हासिल किया।

महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम स्पर्धा में भी भारत पदक से चूक गया। मनु भाकर, ईशा सिंह और सुरचि सिंह की भारतीय टीम चौथे स्थान पर रही। टीम का प्रदर्शन कांस्य पदक से बेहद मामूली अंतर से पीछे रहा। भारत की टीम और कांस्य जीतने वाली टीम के बीच इनर-10 के आधार पर अंतर रहा, जिससे एक और संभावित पदक हाथ से निकल गया।

मनु भाकर के लिए एशियन गेम्स में अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। 10 मीटर एयर पिस्टल में व्यक्तिगत और टीम स्पर्धा के बाद उनकी नजर आगे 25 मीटर पिस्टल प्रतियोगिता पर रहेगी। इस स्पर्धा में उनके पास फिर से पदक की दौड़ में लौटने का मौका होगा।

एशियन गेम्स के चौथे दिन भारत को मीराबाई चानू के रजत के अलावा निशानेबाजी की स्कीट टीम स्पर्धाओं में भी कांस्य पदक मिले। इससे भारतीय दल के खाते में दिन के दौरान कई पदक जुड़े। दूसरी ओर, मनु भाकर और भारतीय महिला एयर पिस्टल टीम के पदक से चूकने के बावजूद भारतीय दल की पदक तालिका में बढ़त जारी रही।

मीराबाई चानू का रजत पदक भारतीय खेल इतिहास के लिए खास है। उन्होंने एशियन गेम्स में अपने पहले पदक के साथ ओलंपिक, विश्व स्तर, कॉमनवेल्थ और अब एशियन गेम्स जैसे बड़े मंचों पर पदक जीतने वाली भारतीय महिला भारोत्तोलकों की सूची में अपनी जगह और मजबूत की है। वहीं, मनु भाकर की व्यक्तिगत स्पर्धा में पांचवें स्थान की निराशा के बावजूद उनके पास 25 मीटर पिस्टल में एक और मौका मौजूद है।

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के लिए मुकाबले अभी जारी हैं और अगले दिनों में कई प्रमुख भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग खेलों में पदक की दावेदारी पेश करेंगे। मीराबाई का रजत और मनु भाकर का प्रदर्शन इस आयोजन में भारत के लिए उम्मीद और चुनौती, दोनों तस्वीरें सामने लाता है। एक ओर भारोत्तोलन में लंबा इंतजार खत्म हुआ, वहीं निशानेबाजी में कुछ करीबी मौकों पर भारत पदक से दूर रहा।

 

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