
Pune Cyber Fraud Case: 75 साल के डॉक्टर से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 12.31 करोड़ की ठगी, फर्जी ऐप और WhatsApp ग्रुप से जाल
पुणे में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां 75 वर्षीय डॉक्टर से ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 12.31 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने इस मामले में बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित को एक सुनियोजित साइबर रैकेट के जरिए फंसाया गया।
जानकारी के अनुसार, जनवरी के आखिरी सप्ताह में डॉक्टर को एक अनजान नंबर से मैसेज मिला, जिसमें कुछ “सुझाए गए” शेयरों की सूची और एक लिंक भेजा गया था। जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, उन्हें एक WhatsApp ग्रुप में जोड़ दिया गया।
इस ग्रुप में एडमिन ने खुद को एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय फाइनेंस कंपनी का वरिष्ठ अधिकारी बताया, जबकि एक अन्य सदस्य ने खुद को शेयर बाजार पर किताब लिखने वाला लेखक बताया। पुलिस के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क लोगों का भरोसा जीतने के लिए बनाया गया था और इसमें लगातार बड़े मुनाफे के फर्जी मैसेज भेजे जाते थे।
बाद में पीड़ित को एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर शिफ्ट कर दिया गया, जिसका नाम एक प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कंपनी से मिलता-जुलता था। यहां उनसे पहले व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी ली गई और फिर अलग-अलग बैंक खातों में निवेश के नाम पर पैसे ट्रांसफर कराए गए।
पुलिस जांच में सामने आया है कि 7 मार्च से 18 मार्च के बीच पीड़ित ने कुल आठ ट्रांजैक्शन में 12.31 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस दौरान ऐप पर फर्जी तरीके से भारी मुनाफा दिखाया गया, ताकि उन्हें और निवेश के लिए प्रेरित किया जा सके।
जब डॉक्टर ने आगे पैसे लगाने से इनकार किया, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उनकी संपत्ति जब्त करने की धमकी दी और दबाव बनाकर पैसे ट्रांसफर कराते रहे। बाद में फर्जी ऐप पर लगभग 54 करोड़ रुपये का नकली मुनाफा दिखाया गया।
जब पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की, तो उसे फिर से धमकियां मिलीं, जिसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुणे साइबर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और पूरे नेटवर्क, आरोपियों तथा पैसों के लेनदेन की जांच शुरू कर दी है।






