
Nanded Crime: हत्याओं से दहशत, अवैध हथियारों पर बड़ा खुलासा
महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर में लगातार बढ़ रही हत्या और अपराध की घटनाओं ने लोगों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। इसी बीच शिवसेना के विधान पार्षद (एमएलसी) हेमंत पाटिल ने कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है और प्रशासन पर कई बड़े सवाल खड़े किए हैं।
हेमंत पाटिल ने दावा किया कि नांदेड़ में अवैध हथियारों का जाल तेजी से फैल चुका है। उन्होंने कहा कि अगर पूरे इलाके में सख्ती से जांच की जाए तो करीब 1500 से 2000 तक अवैध पिस्तौल बरामद हो सकती हैं। उनका मानना है कि अपराधियों के मन में कानून का कोई डर नहीं बचा है, यही वजह है कि हत्या, लूट और जबरन वसूली जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शहर में जबरन वसूली का कारोबार बड़े स्तर पर चल रहा है। लोगों को डराकर उनसे पैसे वसूले जा रहे हैं और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती है। इस माहौल का असर छात्रों पर भी पड़ रहा है। बाहर से पढ़ाई के लिए आने वाले छात्र खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनके साथ लूटपाट, मोबाइल और लैपटॉप छीनने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
दरअसल, हाल ही में नांदेड़ में कई बड़ी आपराधिक घटनाएं हुई हैं। सोमवार को शिवसेना के एक 35 वर्षीय कार्यकर्ता की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जिससे राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हड़कंप मच गया। इसके अलावा दो गुटों के बीच हुए खूनी संघर्ष में तीन लोगों की जान चली गई। वहीं वजीराबाद थाना क्षेत्र में भी एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जिससे हालात और ज्यादा चिंताजनक हो गए हैं।
पाटिल ने नांदेड़ की भौगोलिक स्थिति को भी अपराध बढ़ने की एक बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा कि यह शहर तेलंगाना और कर्नाटक की सीमाओं के करीब स्थित है, जिससे अपराधी वारदात को अंजाम देने के बाद आसानी से दूसरे राज्यों में फरार हो जाते हैं। इस कारण पुलिस के लिए उन्हें पकड़ना और भी मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि हाल के समय में व्यापारियों से सैकड़ों करोड़ रुपये की जबरन वसूली की गई है। बढ़ते खतरे और डर के कारण कई व्यापारी शहर छोड़कर जा चुके हैं, जिससे स्थानीय व्यापार पर भी नकारात्मक असर पड़ा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हेमंत पाटिल ने मांग की है कि नांदेड़ में जल्द से जल्द पुलिस आयुक्तालय (कमिश्नरेट) की स्थापना की जाए, ताकि कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से अपील की कि अपराध के खिलाफ एकजुट होकर सख्त कदम उठाए जाएं और किसी भी अपराधी को संरक्षण न दिया जाए, चाहे उसका राजनीतिक संबंध कुछ भी क्यों न हो।






