
Uttam Nagar Bulldozer Action: ट्रिब्यूनल से राहत खारिज, MCD ने अवैध निर्माण पर चलाया बुलडोजर
दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो गई है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए होली संघर्ष मामले के एक आरोपी के घर के अवैध हिस्सों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई ट्रिब्यूनल द्वारा राहत की अर्जी खारिज किए जाने के बाद की गई है।
दरअसल, होली के दौरान हुए विवाद में 26 वर्षीय तरुण की मौत हो गई थी, जिसके बाद इस मामले में आरोपी बनाए गए एक व्यक्ति के घर पर निगम ने कार्रवाई की है। आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। उसके परिवार ने तोड़फोड़ और सीलिंग से बचने के लिए ‘म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली अपीलीय न्यायाधिकरण’ (ATMCD) में अर्जी दाखिल की थी, लेकिन 29 अप्रैल को ट्रिब्यूनल ने इस अंतरिम राहत को खारिज कर दिया।
ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद पहले से लगी रोक हट गई और गुरुवार सुबह एमसीडी की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। सुरक्षा के बीच अवैध निर्माण वाले हिस्सों को चिन्हित कर तोड़फोड़ की कार्रवाई पूरी की गई।
जांच में सामने आया कि इलाके में कई जगहों पर नियमों को ताक पर रखकर निर्माण किया गया था। कुछ मामलों में तीन-तीन मकानों को जोड़कर एक बड़ा ढांचा खड़ा कर दिया गया था, जबकि अन्य स्थानों पर दो इकाइयों को मिलाकर अवैध इमारतें बना ली गई थीं।
इससे पहले आरोपी के परिवार ने 13 अप्रैल को दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां उन्हें 15 दिनों की अंतरिम राहत दी गई थी। अदालत ने उन्हें एमसीडी ट्रिब्यूनल में अपील करने का निर्देश दिया था। इसके बाद 28 अप्रैल को ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की गई, लेकिन 29 अप्रैल को सुनवाई के दौरान ठोस आधार न मिलने पर ट्रिब्यूनल ने स्टे ऑर्डर हटा दिया।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 जून 2026 को निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि 4 मार्च को उत्तम नगर के हस्तसाल स्थित जेजे कॉलोनी में होली के दौरान एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। पानी का गुब्बारा पड़ोसी महिला पर गिरने से शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ा कि इसमें 26 वर्षीय तरुण की जान चली गई। इसी मामले से जुड़े आरोपियों के खिलाफ अब प्रशासन ने अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई की है।






