
Seemapuri Building Collapse: 4 मंजिला इमारत ढही, 3 की मौत और 8 घायल; 2-3 लोगों की तलाश जारी
दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार 7 अक्टूबर की दोपहर एक बहुमंजिला इमारत अचानक गिर गई। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई, जिसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस, सिविल डिफेंस और अन्य राहत-बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है और आठ लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है।
हादसा करीब 3:30 बजे सीमापुरी की ईदगाह मछली मंडी के पास हुआ। सूचना मिलते ही दमकल की चार गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए। शुरुआती जानकारी में इमारत के अंदर कई लोगों के फंसे होने की आशंका थी, इसलिए मलबा हटाने का काम तत्काल शुरू किया गया।
पुलिस के अनुसार इमारत करीब 225 वर्ग फुट यानी लगभग 25 गज के प्लॉट पर बनी थी। शुरुआती आधिकारिक जानकारी में इसे चार मंजिला बताया गया, जबकि कुछ तस्वीरों और रिपोर्टों में पांच मंजिल तक के निर्माण की बात सामने आई। इमारत का एक हिस्सा गिरने के बाद मलबा आसपास के दो-तीन मकानों तक भी पहुंच गया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
रेस्क्यू के दौरान स्थानीय लोगों ने भी बचाव टीमों के साथ मिलकर मलबा हटाया। एक महिला को स्थानीय लोगों ने मलबे के नीचे से जिंदा बाहर निकाला। कुछ घायलों को एंबुलेंस पहुंचने से पहले स्थानीय लोग अस्पताल लेकर गए।
बचाव दल ने आठ लोगों को निकालकर जीटीबी अस्पताल पहुंचाया। इनमें एक तीन साल का बच्चा, एक महिला और छह पुरुष शामिल बताए गए हैं। बाद की जानकारी में तीन मौतों की पुष्टि हुई, जिनमें एक नाबालिग के शामिल होने की बात सामने आई है। मृतकों की पहचान और उम्र को लेकर विस्तृत प्रशासनिक जानकारी का इंतजार है।
शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक मलबे के नीचे अभी भी दो से तीन लोगों के फंसे होने की आशंका थी। राहत दलों को संभावित रूप से लोगों के संपर्क में होने की जानकारी भी मिली, इसलिए बचाव अभियान सावधानी से आगे बढ़ाया गया।
मलबा हटाने के लिए जेसीबी और भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया, जबकि पुलिस और बचावकर्मियों ने कई हिस्सों में हाथ से भी तलाश जारी रखी। मौके पर एंबुलेंस और मेडिकल टीमें तैनात रहीं, ताकि किसी व्यक्ति के मिलने पर तुरंत इलाज दिया जा सके।
इमारत गिरने की वजह तत्काल स्पष्ट नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि मंगलवार रात दिल्ली-एनसीआर में महसूस हुए भूकंप के झटकों के बाद इमारत में दरारें दिखाई दी थीं। हालांकि अधिकारियों ने अभी इस दावे को हादसे का कारण नहीं माना है। निर्माण की गुणवत्ता, संरचनात्मक स्थिति, इमारत की उम्र और संभावित नियम उल्लंघन समेत अलग-अलग पहलुओं की जांच की जा सकती है।
हादसे ने घनी आबादी वाले इलाकों में भवन सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले 6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने की घटना का भी उल्लेख सामने आया था, जिसमें सात लोगों की मौत और 12 लोग घायल हुए थे। उस मामले के बाद सुरक्षा और संरचनात्मक जांच को लेकर कदम उठाने की बात कही गई थी।
सीमापुरी हादसे के बाद गोल चक्कर, डीएलएफ भोपुरा और आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से घटनास्थल की ओर जाने से बचने, सड़क पर वाहन खड़ा न करने और भीड़ न लगाने की अपील की, ताकि एंबुलेंस और राहत-बचाव वाहनों को रास्ता मिल सके।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे संभावित लोगों को सुरक्षित निकालना और हादसे के कारणों की जांच करना है। तीन मौतों और आठ घायलों की जानकारी के बीच दो-तीन लोगों की तलाश जारी रहने की बात सामने आई थी। हादसे की पूरी तस्वीर रेस्क्यू अभियान और विस्तृत प्रशासनिक रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।






