
Sarojini Nagar Market: सरोजिनी नगर रिंग रोड मार्केट के व्यापारियों का प्रदर्शन, बाजार हटाने के फैसले का विरोध
दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित रिंग रोड मार्केट के व्यापारियों और दुकानदारों ने मंगलवार को अपने रोजगार और आजीविका को बचाने के लिए जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों का आरोप है कि बिना किसी स्पष्ट योजना और स्थायी व्यवस्था के मार्केट को दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है, जिससे हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में दुकानदार, कर्मचारी और स्थानीय लोग सड़क पर उतरे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से चल रहा यह बाजार न केवल हजारों परिवारों की आय का मुख्य स्रोत है, बल्कि दिल्ली आने वाले लोगों के लिए भी एक प्रमुख खरीदारी केंद्र है। ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बाजार को हटाना पूरी तरह गलत है।

दुकानदारों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से अब तक उन्हें किसी स्थायी पुनर्वास योजना या नई मार्केट की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। व्यापारियों का कहना है कि यदि बाजार को वर्तमान स्थान से हटाया गया तो छोटे व्यापारियों और मजदूरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। कई दुकानदारों ने कहा कि उनकी पूरी जिंदगी की कमाई और कारोबार इसी मार्केट पर निर्भर है।
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने मांग की कि जब तक नई जगह पर सभी सुविधाओं के साथ स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक मौजूदा मार्केट को न हटाया जाए। उनका कहना है कि प्रशासन को व्यापारियों से बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए, ताकि किसी का रोजगार प्रभावित न हो।
रिंग रोड मार्केट से जुड़े व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर “रोजगार बचाओ” और “बाजार बचाओ” जैसे नारे लगाए।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सरोजिनी नगर का यह बाजार दिल्ली की पहचान बन चुका है और यहां हजारों ग्राहक रोजाना खरीदारी के लिए आते हैं। ऐसे में बाजार को हटाने का फैसला छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और कर्मचारियों के लिए भारी नुकसान का कारण बन सकता है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता, उनका विरोध जारी रहेगा।






