
Road Safety: सीलमपुर में ‘सुरक्षित सफर’ अभियान, 290 लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सड़क हादसों को रोकने और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से ‘सुरक्षित सफर’ अभियान चलाया गया। अभियान के तहत भजनपुरा ट्रैफिक सर्किल की ओर से सीलमपुर इलाके में दो अलग-अलग सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन दोनों कार्यक्रमों में करीब 290 लोगों ने हिस्सा लिया और सड़क पर सुरक्षित सफर से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी हासिल की।
ईस्टर्न रेंज की ट्रैफिक डीसीपी श्वेता चौहान की निगरानी में आयोजित इन कार्यक्रमों को युग संस्कृति न्यास और ईएफकॉन स्ट्रैबाग के सहयोग से आयोजित किया गया। सीलमपुर मेट्रो स्टेशन और सीलमपुर टी-प्वाइंट पर आयोजित कार्यक्रमों के दौरान वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और आम लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रमों का नेतृत्व ट्रैफिक इंस्पेक्टर अभिजीत चैतन्य और ट्रैफिक इंस्पेक्टर विकास कुमार ने किया। सीलमपुर मेट्रो स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में करीब 160 लोगों ने हिस्सा लिया, जबकि सीलमपुर टी-प्वाइंट पर करीब 130 लोग सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में शामिल हुए।
सीलमपुर मेट्रो स्टेशन पर लोगों को सड़क सुरक्षा के नियम समझाने के लिए नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया। कलाकारों ने अपने प्रदर्शन के जरिए तेज रफ्तार में वाहन चलाने, लापरवाही से ड्राइविंग करने और यातायात नियमों की अनदेखी से होने वाले खतरों को लोगों के सामने रखा। इसके साथ ही नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के नुकसान और इसके कारण पैदा होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया। लोगों को समझाया गया कि सड़क पर वाहन चलाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। कलाकारों ने संदेश दिया कि सड़क पर कुछ सेकंड की जल्दबाजी जिंदगी भर का दर्द बन सकती है।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की। पुलिस ने लोगों को निर्धारित गति सीमा के भीतर वाहन चलाने और सड़क पर दूसरे वाहन चालकों तथा पैदल यात्रियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखने का संदेश दिया।
पुलिस की ओर से दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और कार में सफर करने वाले लोगों को सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया गया। ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया कि हेलमेट और सीट बेल्ट सिर्फ यातायात नियमों का पालन करने के लिए नहीं, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में जान बचाने के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय हैं।
कार्यक्रम में नाबालिगों के वाहन चलाने के मुद्दे पर भी लोगों को विशेष रूप से जागरूक किया गया। अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें और उन्हें यातायात नियमों तथा सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में समझाएं।
सड़क सुरक्षा अभियान के दौरान पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी लोगों को जानकारी दी गई। पैदल चलने वालों से सड़क पार करते समय सावधानी बरतने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। वहीं वाहन चालकों को पैदल यात्रियों के प्रति अतिरिक्त सतर्कता बरतने का संदेश दिया गया।
‘सुरक्षित सफर’ अभियान के जरिए ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। यातायात नियमों का पालन करने से न केवल वाहन चालक बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से आयोजित इन जागरूकता कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी के जरिए सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। पुलिस का संदेश रहा कि सुरक्षित ड्राइविंग, नियंत्रित गति, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल तथा यातायात नियमों का पालन हर सड़क उपयोगकर्ता की जिम्मेदारी है।






