
Petrol Diesel Price Hike: दिल्ली से मुंबई तक पेट्रोल-डीजल 3 रुपये महंगा, महंगाई से लोगों की बढ़ी चिंता
देश में शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आम जनता पर महंगाई का बड़ा असर देखने को मिला है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है, जिसके बाद दिल्ली से मुंबई और लखनऊ से श्रीनगर तक लोगों के बजट पर सीधा असर पड़ा है। इस बढ़ोतरी के बाद वाहन चालकों से लेकर आम परिवारों तक में चिंता का माहौल देखा जा रहा है।
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 97 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इसके साथ ही CNG की कीमत में भी 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है, जिससे यह 79.09 रुपये प्रति किलो हो गई है। राजधानी में इस बढ़ोतरी के बाद सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखी गई और लोग जल्द से जल्द टैंक फुल कराने की कोशिश करते नजर आए।
लखनऊ में भी पेट्रोल-डीजल के दामों में इजाफा हुआ है। यहां पेट्रोल की कीमत 97.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.89 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। कई लोगों ने इस बढ़ोतरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आम आदमी की आय स्थिर है, लेकिन खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे घरेलू बजट बिगड़ रहा है।
ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि कई लोगों ने पहले से ही कीमत बढ़ने की आशंका जताई थी। कुछ लोगों ने इसे सरकार की अपील और संकेतों से जोड़कर देखा, जबकि कई ने कहा कि यह बढ़ोतरी उनके रोजमर्रा के जीवन को सीधे प्रभावित करेगी। खासकर ऑटो और कमर्शियल वाहन चालकों ने कहा कि उनकी प्रति किलोमीटर लागत बढ़ गई है, जिससे उनकी कमाई पर असर पड़ेगा।
एक ऑटो चालक ने कहा कि ईंधन महंगा होने से उनका काम पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि किराया बढ़ाना भी संभव नहीं है क्योंकि इससे ग्राहक कम हो सकते हैं। वहीं कई यात्रियों ने कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट का विकल्प हर जगह उपलब्ध नहीं है, इसलिए मजबूरी में निजी वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ता है।
रिपोर्ट के दौरान कुछ बीजेपी समर्थक भी पेट्रोल पंपों पर नजर आए, जिन्होंने महंगाई को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि यह फैसला आम लोगों के हित में नहीं है क्योंकि इसका सीधा असर हर वर्ग पर पड़ता है। लोगों का कहना था कि तेल कंपनियां पहले भी मुनाफा कमा रही थीं और आगे भी कमा सकती हैं, लेकिन इसका बोझ आम जनता पर नहीं पड़ना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल ट्रांसपोर्ट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पूरे सप्लाई चेन और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर डालता है। ऐसे में आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।






