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NDMC: यौन उत्पीड़न शिकायत में घिरे एनडीएमसी निदेशक, नोटिस के बावजूद नहीं हुए पेश, जांच पर उठे सवाल

NDMC: यौन उत्पीड़न शिकायत में घिरे एनडीएमसी निदेशक, नोटिस के बावजूद नहीं हुए पेश, जांच पर उठे सवाल

नई दिल्ली, 3 अगस्त : महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने के दावों के बीच नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) से एक गंभीर मामला सामने आया है। एनडीएमसी में प्रतिनियुक्ति पर तैनात हरियाणा कैडर के वर्ष 2016 बैच के भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी एवं निदेशक सुनील कुमार सिंह पर एक महिला अधिकारी ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। शिकायत दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपी अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से जांच प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार महिला अधिकारी ने एनडीएमसी चेयरमैन को लिखित शिकायत देकर सुनील कुमार सिंह पर कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत मिलने के बाद मामला एनडीएमसी की आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee) के पास पहुंचा, जहां शिकायतकर्ता अपना बयान दर्ज करा चुकी हैं। हालांकि, आरोपों की जांच अभी भी लंबित बताई जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक समिति ने आरोपी अधिकारी को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय पर जवाब नहीं दिया और न ही समिति के समक्ष उपस्थित हुए। बताया जा रहा है कि अब समिति आरोपी अधिकारी को दूसरा नोटिस जारी करने की तैयारी कर रही है, ताकि जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

मामले में कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि शिकायत दर्ज होने और बयान रिकॉर्ड होने के बावजूद अब तक आरोपी अधिकारी को समिति के सामने पेश होने के लिए प्रभावी रूप से बाध्य नहीं किया गया है। इससे शिकायत के निस्तारण की प्रक्रिया लंबी होती जा रही है।

इस बीच राजनीतिक संरक्षण के आरोप भी सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार आरोपी अधिकारी को एनडीएमसी के एक प्रभावशाली राजनीतिक नेता का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो पा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।

बताया जा रहा है कि सुनील कुमार सिंह वर्तमान में एनडीएमसी के पावर, कमर्शियल और प्रॉपर्टी टैक्स जैसे महत्वपूर्ण विभागों के निदेशक हैं, जिन्हें परिषद के सबसे संवेदनशील और अहम विभागों में गिना जाता है। चर्चा यह भी है कि प्रतिनियुक्ति पर उनकी नियुक्ति भी राजनीतिक स्तर पर हुई थी। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल मामले की जांच एनडीएमसी की आंतरिक शिकायत समिति के पास लंबित है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि समिति आरोपी अधिकारी को दोबारा नोटिस जारी करने के बाद क्या कदम उठाती है और जांच को कितनी जल्द अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाया जाता है।

 

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