
Kanpur Murder Case: जुड़वां बहनों रिद्धि-सिद्धि की बेरहमी से हत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले रोंगटे खड़े कर देने वाले राज
कानपुर से सामने आए दिल दहला देने वाले जुड़वां बहनों रिद्धि और सिद्धि हत्याकांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्हें सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। मासूम बच्चियों की हत्या जिस क्रूर तरीके से की गई, उसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों बच्चियों के गले पर करीब 4 सेंटीमीटर लंबा और 3 सेंटीमीटर चौड़ा बेहद गहरा घाव पाया गया, जो उनकी मौत की मुख्य वजह बना।
डॉक्टरों की टीम के मुताबिक, आरोपी ने पहले चापड़ को बच्चियों के गले पर सटाया और फिर उस पर हथौड़े से जोरदार प्रहार किया। इस वार से उनकी श्वासनली पूरी तरह कट गई, जिससे दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वार इतना खतरनाक और गहरा था कि करीब 12 वर्ग सेंटीमीटर का गंभीर घाव बन गया। हैरानी की बात यह रही कि शरीर के अन्य हिस्सों पर किसी तरह की चोट नहीं मिली, जिससे साफ है कि हत्या पूरी योजना के तहत और बेहद निर्दयता से की गई।
इस जघन्य वारदात के बाद पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी स्तब्ध रह गए और उन्होंने इस तरह की क्रूरता को बेहद दुर्लभ बताया। घटना कानपुर के त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में हुई, जहां से पुलिस ने जांच को तेज करते हुए कई अहम सबूत जुटाए हैं। अधिकारियों के अनुसार, मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है और कोशिश है कि दो हफ्ते के भीतर पूरी जांच को अंतिम रूप दिया जाए।
पुलिस ने इस मामले को मजबूत बनाने के लिए मुख्य गवाहों के बयान दर्ज कर लिए हैं। इनमें आरोपी की पत्नी रेशमा, अपार्टमेंट के सुरक्षा गार्ड प्रेमनारायण दीक्षित और घरेलू सहायिका अमरावती उर्फ आशा शामिल हैं। पत्नी ने घटना से पहले के पारिवारिक हालात और तनाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जबकि गार्ड और नौकरानी ने आरोपी की संदिग्ध गतिविधियों को लेकर अहम खुलासे किए हैं।
फोरेंसिक जांच में भी महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं। बेंजाडाइन टेस्ट में आरोपी के हाथों और कपड़ों पर बच्चियों का खून मिलने की पुष्टि हुई है, जो केस को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसके साथ ही, घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है, जिसके जरिए पुलिस पूरी घटना की टाइमलाइन तैयार कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल किया गया चापड़ आरोपी ने घटना से कुछ दिन पहले मूलगंज इलाके से खरीदा था। इस तथ्य ने इस आशंका को और मजबूत कर दिया है कि यह वारदात पहले से सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिससे केस और भी स्पष्ट होता जा रहा है।
घटना के बाद आरोपी का परिवार भी उससे किनारा करता नजर आ रहा है। पत्नी रेशमा की सूचना पर गया में रहने वाले आरोपी के बड़े भाई ने साफ तौर पर इस मामले से खुद को अलग कर लिया है और कानपुर आने से भी इनकार कर दिया है। इस पूरे मामले ने न केवल कानपुर बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया है, जहां मासूमों के साथ हुई इस दरिंदगी ने इंसानियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।






