दिल्ली-एनसीआरदेश

INDIA Alliance: बसों में भरकर गांधी स्मृति पहुंचे INDIA ब्लॉक के सांसद-नेता, राहुल गांधी बोले- ‘भारत के छात्र अकेले नहीं’

INDIA Alliance: बसों में भरकर गांधी स्मृति पहुंचे INDIA ब्लॉक के सांसद-नेता, राहुल गांधी बोले- ‘भारत के छात्र अकेले नहीं’

नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच गुरुवार को विपक्षी INDIA गठबंधन ने छात्रों के समर्थन में बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के सांसद और वरिष्ठ नेता बसों में सवार होकर गांधी स्मृति पहुंचे। इस दौरान राहुल गांधी ने छात्रों के समर्थन में कहा कि “भारत के छात्र अकेले नहीं हैं।”

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से छात्रों का आंदोलन जारी है। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। 20 जुलाई को आयोजित “चलो पार्लियामेंट” मार्च के दौरान हजारों छात्र संसद की ओर बढ़े थे, जहां दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

प्रदर्शन स्थल पर लगाए गए टेंट हटाए जाने के बावजूद छात्र आंदोलन समाप्त नहीं हुआ। बारिश और खराब मौसम के बीच भी प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

इस आंदोलन का असर अब दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता समेत कई बड़े शहरों में भी छात्र और युवा सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन में बड़ी संख्या में ‘जेन जी’ (Gen Z) के छात्र शामिल हैं, जो शिक्षा व्यवस्था की खामियों, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और बढ़ती बेरोजगारी को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं।

आंदोलन से जुड़े संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने तक पीछे नहीं हटेंगे।

इस बीच राजनीतिक हलकों में भी इस आंदोलन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के कई दल खुलकर छात्रों के समर्थन में उतर आए हैं। संसद के भीतर और बाहर विपक्ष लगातार NEET विवाद और परीक्षा प्रणाली को लेकर सरकार को घेर रहा है। विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।

गुरुवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी राहुल गांधी के आवास पहुंचे। पत्रकारों ने बैठक के उद्देश्य के बारे में पूछा तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “साहब ने चाय के लिए बुलाया था, इसलिए मैं चाय पीने आया हूं।” उनके इस बयान की राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा रही।

इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश, जेबी माथेर, पीजीवी, परिणीति शिंदे, शफी परम्बिल, आरजेडी सांसद संजय यादव, प्रमोद तिवारी, अखिलेश प्रसाद सिंह और इमरान प्रतापगढ़ी सहित कई विपक्षी सांसद राहुल गांधी के आवास पहुंचे। राज्यसभा और लोकसभा के कई अन्य सांसदों के पहुंचने का सिलसिला भी लगातार जारी रहा। राहुल गांधी के आवास के बाहर सांसदों को ले जाने के लिए बसें भी पहुंचीं, जिनमें सवार होकर विपक्षी नेता गांधी स्मृति के लिए रवाना हुए।

वहीं भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष की इस बैठक और शक्ति प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी के आवास पर एक और “ड्रामेबाजी” चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन से लोगों का ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक नाटक कर रही है। बीएल संतोष ने यह भी कहा कि इस तरह की राजनीति से कुछ समय के लिए देश का नुकसान हो रहा है।

दूसरी ओर, विपक्ष का कहना है कि वह छात्रों की आवाज को संसद और देश के सामने मजबूती से उठाता रहेगा। राहुल गांधी ने दोहराया कि छात्रों की समस्याओं को केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा विषय मानकर गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button