
Ghaziabad Crime: गाजियाबाद में 7 साल की बच्ची की हत्या से सनसनी, निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में मिला शव, दुष्कर्म की पुष्टि
गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र स्थित राजनगर एक्सटेंशन में सात वर्षीय बच्ची की हत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट से मासूम का शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि बच्ची की मौत सिर पर गंभीर चोट लगने से हुई, जबकि उसके साथ यौन उत्पीड़न किए जाने की भी पुष्टि हुई है। पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म, हत्या और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बच्ची के माता-पिता निर्माणाधीन मॉल में मजदूरी का कार्य करते हैं और वहीं अस्थायी झुग्गी बनाकर रहते हैं। परिजनों के मुताबिक बच्ची शुक्रवार शाम से लापता थी। परिवार के लोग देर रात तक उसकी तलाश करते रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार तड़के करीब एक बजे पुलिस को सूचना मिली कि निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में एक बच्ची का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही नंदग्राम थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर कई गंभीर चोटों और फ्रैक्चर के निशान पाए गए। सिर पर लगी गहरी चोट को मौत का मुख्य कारण बताया गया है। रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की भी पुष्टि हुई है। पुलिस प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जता रही है कि वारदात के बाद आरोपियों ने बच्ची को निर्माणाधीन इमारत की ऊपरी मंजिल से नीचे फेंका हो सकता है। हालांकि इस पहलू की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
घटना की सूचना मिलने के बाद फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है और घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म, हत्या और पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने अब तक चार से पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। वहीं, दो संदिग्ध आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए और गुस्साई भीड़ ने वहां तैनात एक सुरक्षा गार्ड पर हमला करने का प्रयास भी किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया, जिससे कानून-व्यवस्था बनी रहे।
ग्रामीण डीसीपी सुरेंद्र नाथ तिवारी और नंदग्राम एसीपी प्रियश्री पाल ने बताया कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास जारी है। पुलिस का कहना है कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।






