
DU North Campus Safety: छात्राओं की सुरक्षा परखने देर रात नॉर्थ कैंपस पहुंचीं CM रेखा गुप्ता, CCTV और स्ट्रीट लाइट बढ़ाने के आदेश; डार्क स्पॉट खत्म करने के निर्देश
दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में छात्राओं की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की हकीकत जानने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार देर रात अचानक वहां पहुंच गईं। आर्ट्स फैकल्टी के बाहर उन्होंने छात्राओं से सीधे बात की और रात में कैंपस आने-जाने, सुरक्षा, परिवहन, हॉस्टल व पीजी से जुड़ी परेशानियों के बारे में पूछा। अधिकारियों के साथ कैंपस का मुआयना करते हुए उन्हें सुरक्षा और सुविधाओं में कई खामियां दिखीं, जिन्हें तुरंत दूर करने के निर्देश दिए गए।
छात्राओं से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने खास तौर पर यह जानना चाहा कि रात के समय कैंपस या उसके आसपास छात्राओं को असुरक्षा तो महसूस नहीं होती। छात्राओं ने अंधेरे रास्तों, फुटपाथ, हॉस्टल और पीजी से जुड़ी दिक्कतें उनके सामने रखीं।
निरीक्षण में नॉर्थ कैंपस के कई हिस्सों में डार्क स्पॉट मिले। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया कि कैंपस में कम रोशनी वाली सभी जगहों की पहचान कर वहां अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं। साथ ही जिन पेड़ों की टहनियां स्ट्रीट लाइट की रोशनी रोक रही हैं, उनकी छंटाई कराने को भी कहा गया।
रेखा गुप्ता ने साफ कहा कि छात्राओं की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उनके मुताबिक कैंपस की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और व्यवस्था की हर कमी जल्द से जल्द दूर होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने CCTV कैमरों की स्थिति की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि नॉर्थ कैंपस में कुल कितने कैमरे लगे हैं, इनमें से कितने चालू हैं और किन इलाकों में निगरानी कमजोर है। CCTV कवरेज के खाली स्थानों को भरने और जरूरी जगहों पर नए कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों से यह भी कहा गया कि आर्ट्स फैकल्टी के अलावा लॉ फैकल्टी, साइंस फैकल्टी, पार्किंग क्षेत्र और कैंपस के दूसरे संवेदनशील हिस्सों का भी फिर से निरीक्षण किया जाए, और जहां भी सुरक्षा में कमी दिखे वहां तुरंत जरूरी इंतजाम किए जाएं।
दौरे के दौरान टूटे-फूटे और ऊबड़-खाबड़ फुटपाथों को देखकर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और उनकी मरम्मत के आदेश दिए, ताकि छात्रों को पैदल चलने में दिक्कत न हो। दिव्यांग छात्रों के लिए कैंपस की सुविधाएं बेहतर करने और जरूरी जगहों के निरीक्षण के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस सुरक्षा के बारे में भी मुख्यमंत्री ने जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से पूछा कि रात में महिला पुलिसकर्मी तैनात रहती हैं या नहीं और जरूरत पड़ने पर PCR वाहन वक्त पर पहुंचता है या नहीं। उन्होंने दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया, ताकि रात में छात्राओं की सुरक्षा और पुख्ता हो।
निरीक्षण में सफाई से जुड़ी खामियां भी दिखीं। कुछ जगह कचरा और खराब रखरखाव देख मुख्यमंत्री ने तुरंत सफाई कराने को कहा। उनका कहना था कि नॉर्थ कैंपस में रोजाना हजारों छात्र-छात्राएं आते-जाते हैं, इसलिए सुरक्षित रास्तों के साथ साफ-सुथरी और बेहतर नागरिक सुविधाएं भी जरूरी हैं।
छात्राओं ने पीजी और हॉस्टल की समस्याएं भी सामने रखीं। इस पर रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार जल्द ही पीजी पॉलिसी लाने पर काम कर रही है, जिसमें पीजी सुविधाओं के लिए जरूरी नियम और मानक तय किए जाएंगे। सरकार नए हॉस्टल बनाने और मौजूदा हॉस्टल सुविधाओं को सुधारने की दिशा में भी काम कर रही है, ताकि छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर आवास मिल सके।
मुख्यमंत्री ने छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग लेने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ छात्राओं का आत्मरक्षा के लिए तैयार रहना भी जरूरी है। इस दौरान छात्राओं ने भी खुलकर अपनी बातें साझा कीं।
दौरे में PWD, दिल्ली नगर निगम और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी साथ मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही जरूरी निर्देश दिए और कहा कि इन पर हुई कार्रवाई की बाद में समीक्षा की जाएगी।
यह निरीक्षण ऐसे समय हुआ है जब दिल्ली विश्वविद्यालय और राजधानी के अन्य कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा, CCTV, स्ट्रीट लाइट, पुलिस पेट्रोलिंग, सुरक्षित रास्तों और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी पर लगातार चर्चा हो रही है। देर रात के इस दौरे के जरिए सरकार ने कमियों को मौके पर पहचानकर उन्हें दूर करने पर जोर दिया है।






