
Delhi Shastri Park Fire: फर्नीचर मार्केट में भीषण आग से मचा हड़कंप, करोड़ों का सामान जलकर राख
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में शुक्रवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब इलाके की एक बड़ी फर्नीचर मार्केट में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें और पूरे इलाके में फैला काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा। घटना के बाद स्थानीय दुकानदारों और निवासियों में दहशत फैल गई। कई व्यापारी अपनी दुकानों में रखा सामान बचाने के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि कोई भी अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, रात करीब 11:57 बजे कंट्रोल रूम को आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके के लिए रवाना की गईं। शुरुआती दौर में कुछ दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग की गंभीरता को देखते हुए बाद में करीब 25 दमकल गाड़ियों को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया। रातभर दमकल कर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश करते रहे।
आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में पूरी फर्नीचर मार्केट धुएं और आग की चपेट में आ गई। बाजार में लकड़ी, प्लाईवुड, फोम और अन्य ज्वलनशील सामान बड़ी मात्रा में मौजूद होने के कारण आग लगातार फैलती चली गई। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस हादसे में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। कई दुकानों में रखा फर्नीचर, मशीनें और अन्य कीमती सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया।
घटना के दौरान स्थानीय लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा। लोगों ने आरोप लगाया कि दमकल विभाग समय पर नहीं पहुंचा, जिसके कारण आग ने इतना बड़ा रूप ले लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने हंगामा किया और कुछ लोगों ने दमकल विभाग की गाड़ियों पर पथराव भी किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को भी मौके पर बुलाना पड़ा।
एक दमकलकर्मी ने बताया कि जब उनकी टीम आग बुझाने का प्रयास कर रही थी, उसी दौरान कुछ लोगों ने वाहनों को नुकसान पहुंचाया और काम में बाधा डाली। दमकलकर्मी ने कहा कि आपातकालीन सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन हालात बेहद कठिन थे।
वहीं, स्थानीय निवासियों ने दावा किया कि आग काफी देर पहले लग चुकी थी, लेकिन शुरुआत में पर्याप्त मदद नहीं पहुंची। कुछ लोगों का आरोप था कि पहली दमकल गाड़ियों में तकनीकी समस्याएं थीं और पानी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं था। इस वजह से आग पर शुरुआती दौर में नियंत्रण नहीं पाया जा सका।
घटना को लेकर कुछ स्थानीय लोगों ने साजिश की आशंका भी जताई है। एक निवासी ने दावा किया कि आग जानबूझकर लगाई गई हो सकती है और इसके पीछे राजनीतिक कारण या पूर्व नियोजित साजिश हो सकती है। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल इन दावों की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) और दिल्ली पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंच गई हैं। फोरेंसिक विशेषज्ञ आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि आग लगने की असली वजह सामने आ सके।
फिलहाल राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के लिए दमकल विभाग को कई घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।






