
Ghazipur Fire: पूर्वी दिल्ली के गाज़ीपुर में भीषण आग, 30 झुग्गियां जलकर राख, लाखों का नुकसान
पूर्वी दिल्ली के गाज़ीपुर इलाके में देर रात एक भीषण अग्निकांड ने तबाही मचा दी, जहां हरिजन बस्ती में स्थित करीब 30 झुग्गियां आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर राख हो गईं। इस हादसे ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
जानकारी के अनुसार, आग देर रात अचानक लगी और देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेज थी कि करीब तीन घंटे तक लगातार झुग्गियां जलती रहीं। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दूर तक धुआं और आग की चमक दिखाई दे रही थी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग तुरंत हरकत में आया और मौके पर कुल 11 फायर टेंडर भेजे गए। फायरकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद कई घंटों की मेहनत से आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
फायर विभाग के अधिकारी अनूप सिंह के अनुसार, उन्हें रात करीब 11 बजकर 58 मिनट पर सूचना मिली थी कि मुला कॉलोनी, गाज़ीपुर पेपर मार्केट के पास झुग्गियों में आग लगी है। शुरुआती जांच में आग तेजी से फैलती चली गई और आसपास की कई झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा देर रात हुई बारिश के बाद बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ हो सकता है। उनका दावा है कि अचानक हुए स्पार्क के बाद आग भड़क उठी और कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक आग के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
इस हादसे में भले ही कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान हुआ है। झुग्गियों में रहने वाले लोगों के अनुसार, उनके घरों में रखा सारा सामान—कपड़े, बर्तन, दस्तावेज और यहां तक कि रिक्शा तक—आग में जलकर खाक हो गया। कई परिवार पूरी तरह बेघर हो गए हैं।
आग लगने के बाद प्रभावित लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि उन्हें कुछ भी बचाने का मौका नहीं मिला और कुछ ही मिनटों में उनका सब कुछ खत्म हो गया। पीड़ितों ने प्रशासन से तत्काल मदद और रहने की व्यवस्था की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और हालात का जायजा लिया जा रहा है। झुग्गीवासियों को अस्थायी राहत देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर शहरी बस्तियों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।






