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Bangladesh Hindu Caretaker Death: बांग्लादेश में मंदिर के केयरटेकर का शव पेड़ से लटका मिला, लापता होने के तीन दिन बाद बरामद, पुलिस जांच में जुटी

Bangladesh Hindu Caretaker Death: बांग्लादेश में मंदिर के केयरटेकर का शव पेड़ से लटका मिला, लापता होने के तीन दिन बाद बरामद, पुलिस जांच में जुटी

बांग्लादेश में एक हिंदू मंदिर के केयरटेकर का शव पेड़ से लटका हुआ मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। यह घटना चटोग्राम जिले के दोहाजारी क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां शिवकाली मंदिर के 40 वर्षीय केयरटेकर नयन साधु पिछले कुछ दिनों से लापता थे। उनका शव गांव के बाहरी इलाके में एक पहाड़ी क्षेत्र में पेड़ से लटका हुआ मिला, जिससे मामला और भी रहस्यमय हो गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच शुरू कर दी है कि यह आत्महत्या है या किसी सुनियोजित हत्या का मामला।

जानकारी के अनुसार नयन साधु मंदिर में लंबे समय से केयरटेकर के रूप में कार्यरत थे। स्थानीय लोगों और पुलिस के मुताबिक 19 अप्रैल की देर शाम दो अज्ञात व्यक्ति उन्हें अपने साथ लेकर गए थे, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला। परिवार ने उसी दिन उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तीन दिन बाद उनका शव बरामद हुआ, जो उस समय डिकम्पोज़्ड होना शुरू हो चुका था।

इस घटना के बाद बांग्लादेश हिन्दू बौद्ध क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल ने गहरी चिंता और नाराजगी जताई है। संगठन ने कहा है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, बांग्लादेश पूजा सेलिब्रेशन काउंसिल की कॉक्स बाजार इकाई के महासचिव जॉनी धर ने आशंका जताई है कि यह मामला हत्या का हो सकता है, क्योंकि शव मिलने की परिस्थितियां संदिग्ध हैं।

काउंसिल के वरिष्ठ सदस्य काजल देबनाथ ने भी सवाल उठाया है कि एक दूरदराज क्षेत्र में स्थित छोटे मंदिर के साधारण केयरटेकर की हत्या के पीछे क्या कारण हो सकता है। उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच की मांग की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों पर स्पष्टता मिलेगी।

बताया जा रहा है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों से जुड़ी घटनाओं को लेकर पहले से ही चिंता जताई जाती रही है। काउंसिल ने पहले जानकारी दी थी कि इस साल जनवरी से मार्च के बीच देश में सांप्रदायिक हिंसा की कई घटनाएं दर्ज की गई हैं। इस ताजा घटना ने एक बार फिर स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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