
Anand Vihar Snatching Investigation: आनंद विहार की तीन चेन झपटमारी की जांच में आरोपी गिरफ्तार, सौ से अधिक कैमरों की फुटेज खंगाली
शाहदरा जिले के आनंद विहार थाना पुलिस ने चेन झपटमारी के तीन मामलों की जांच में वेलकम निवासी 33 वर्षीय शोएब उर्फ सुहेब उर्फ सोहैब अली को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी जांच और सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखने के बाद संदिग्ध की पहचान संभव हुई। कथित घटनाओं में इस्तेमाल बजाज फ्रीडम सीएनजी मोटरसाइकिल भी पुलिस ने बरामद की है।
जांच की शुरुआत 30 अक्टूबर 2026 को कड़कड़डूमा स्थित दिल्ली प्रशासनिक फ्लैट्स के प्रवेश द्वार के पास हुई चेन झपटमारी से हुई। पीड़ित महिला के अनुसार दोपहर करीब डेढ़ बजे मोटरसाइकिल पर आया व्यक्ति उनके गले से लगभग आठ ग्राम की सोने की चेन खींचकर निकल गया। शिकायत के आधार पर आनंद विहार थाने में एफआईआर संख्या 379/26 दर्ज हुई।
आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने आसपास की सड़कों, आने-जाने के मार्गों और विभिन्न स्थानों पर लगे कैमरों की फुटेज देखी। पुलिस के अनुसार 100 से अधिक कैमरों की रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया गया। फुटेज में बाइक की नंबर प्लेट पर DL5SDL-XX08 जैसा नंबर दिख रहा था, लेकिन उससे संबंधित वाहन की जानकारी रिकॉर्डिंग में दिख रही मोटरसाइकिल से मेल नहीं खाई।
इसके बाद पुलिस ने नंबर के संभावित अलग-अलग संयोजन जांचे। जांच दल ने बाइक को बजाज फ्रीडम सीएनजी के रूप में पहचाना और वास्तविक पंजीकरण नंबर DL5SDL-XX03 बताया। वाहन वेलकम निवासी साहिल के नाम दर्ज होने की जानकारी मिली। साहिल से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि उसका भाई शोएब बाइक का इस्तेमाल कर रहा था।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि शोएब 17 अक्टूबर 2026 को जेल से रिहा हुआ था और उस समय घर पर नहीं था। इसके बाद स्थानीय सूत्रों से सूचना जुटाई गई। एक नवंबर को आनंद विहार इलाके में उसकी मौजूदगी की खबर मिलने पर पुलिस ने निगरानी की और कथित रूप से उसी मोटरसाइकिल पर सवार शोएब को पकड़ लिया।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने नंबर प्लेट के कुछ अंकों को काले मार्कर से बदलने की बात बताई, ताकि कैमरों से वाहन की पहचान करना कठिन हो। पुलिस इस कथन की पुष्टि उपलब्ध रिकॉर्डिंग, मोटरसाइकिल और अन्य साक्ष्यों से कर रही है। कथित तौर पर नंबर प्लेट बदलना जांच को भटकाने का तरीका था।
पुलिस के अनुसार पूछताछ के बाद आनंद विहार थाने की एफआईआर संख्या 371/26, 373/26 और 379/26 से संबंधित झपटमारी की घटनाओं में उसकी कथित भूमिका सामने आई। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ झपटमारी के पांच पुराने मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस ने तीन मामलों को सुलझाने का दावा किया है, हालांकि अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
जांच टीम अब संबंधित मामलों की कड़ियां जोड़ने, मोटरसाइकिल की फोरेंसिक और दस्तावेजी जांच तथा अन्य संभावित घटनाओं से संबंध की पड़ताल कर रही है। पुलिस ने कैमरों की फुटेज, स्थानीय सूचना और वाहन पंजीकरण के विश्लेषण को गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण बताया है।






