
राजधानी में अपराधियों पर शिकंजा कसने की कार्रवाई के बीच द्वारका जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ और हाशिम बाबा गैंग के कथित शूटर शिवम के बीच मुठभेड़ हो गई। नजफगढ़-गुरुग्राम UER-2 हाईवे पर हुई इस मुठभेड़ में दोनों तरफ से करीब सात राउंड गोलियां चलीं। पुलिस की जवाबी फायरिंग में शिवम के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्त में ले लिया। घायल आरोपी को उपचार के उद्देश्य से अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्टल और कारतूस भी जब्त किए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्पेशल स्टाफ को जानकारी प्राप्त हुई थी कि हाशिम बाबा गैंग से जुड़ा शिवम किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में है। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने नजफगढ़-गुरुग्राम UER-2 हाईवे पर घेराबंदी कर उसे रोकने की योजना बनाई। पुलिस ने जब आरोपी को घेरकर पकड़ने की कोशिश की तो कथित तौर पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके पश्चात पुलिसकर्मियों ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में शिवम के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके पर ही काबू कर लिया और अस्पताल में दाखिल कराया।
पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, पकड़कर गिरफ्तार किया गया शिवम डाबड़ी थाने में दर्ज हत्या के एक मामले में आरोपी है। इसके अतिरिक्त 24 अक्टूबर को नजफगढ़ इलाके में हुई एक व्यक्ति की हत्या और डकैती की वारदात में भी उसकी कथित भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है और इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह किन अन्य वारदातों में शामिल रहा है।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से बरामद पिस्टल और कारतूस को कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि शिवम का हाशिम बाबा गैंग के अन्य सदस्यों से किस तरह का संपर्क था और वह गिरोह के नेटवर्क में क्या भूमिका निभा रहा था। अभी पुलिस आरोपी से जुड़े आपराधिक मामलों और गिरोह के नेटवर्क के संबंध में आगे की जांच कर रही है।






