
Delhi Liquor Booking App: दिल्ली में शराब खरीदने की नई डिजिटल व्यवस्था, मोबाइल ऐप से होगी ऑनलाइन बुकिंग और पेमेंट, QR कोड दिखाकर दुकान से मिलेगा ऑर्डर
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शराब की खुदरा बिक्री व्यवस्था को डिजिटल बनाने की दिशा में एक नई पहल की गई है। दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (DSIIDC) ने ग्राहकों की सुविधा के उद्देश्य से शराब की ऑनलाइन बुकिंग और भुगतान की व्यवस्था शुरू की है। इसके अंतर्गत ग्राहक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से अपनी पसंद के ब्रांड की उपलब्धता देख सकेंगे, संबंधित सरकारी दुकान का चयन कर सकेंगे और ऑनलाइन भुगतान करने के पश्चात क्यूआर कोड के माध्यम से अपना ऑर्डर प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था का प्रमुख मकसद दुकानों पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करना, खरीदारी की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना और ग्राहकों के समय की बचत करना है।
दिल्ली में शराब खरीदने वाले ग्राहकों को कई बार अपनी पसंद के ब्रांड और बोतल के आकार की उपलब्धता जानने के उद्देश्य से अलग-अलग दुकानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। विशेष रूप से सप्ताहांत, त्योहारों और छुट्टियों के आसपास कुछ दुकानों पर अधिक भीड़ होने की वजह से ग्राहकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। नई डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से इस समस्या को कम करने का प्रयास किया गया है। अब ग्राहक दुकान पहुंचने से पूर्व ही मोबाइल पर उपलब्ध उत्पादों का विवरण प्राप्त कर सकेंगे और अपनी जरूरत के अनुसार बुकिंग कर पाएंगे।
इस सुविधा की शुरुआत DSIIDC द्वारा संचालित 208 सरकारी शराब दुकानों से की गई है। दिल्ली में शराब की खुदरा बिक्री का संचालन अलग-अलग सरकारी निगमों के माध्यम से किया जाता है। अभी के उद्देश्य से नई ऑनलाइन बुकिंग सेवा सभी दुकानों पर उपलब्ध नहीं है। इसका लाभ केवल उन आउटलेट्स पर मिलेगा जिन्हें इस डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा गया है। इसी वजह से ग्राहकों को बुकिंग करते समय उपलब्ध दुकानों की सूची में से अपनी सुविधा के अनुसार आउटलेट चुनना होगा।
नई व्यवस्था में ग्राहक सबसे पूर्व मोबाइल ऐप पर उपलब्ध शराब के ब्रांड और उनकी कीमतों का विवरण देख सकेंगे। उसके पश्चात उन्हें यह जांचने का विकल्प मिलेगा कि संबंधित ब्रांड किस दुकान पर उपलब्ध है। ग्राहक बोतल का आकार और निर्धारित नियमों के अनुसार मात्रा चुनकर अपना ऑर्डर तैयार कर सकेंगे। खरीदारी से संबंधित सभी विवरण की पुष्टि करने के पश्चात ऑनलाइन भुगतान किया जा सकेगा।
भुगतान पूरा होने के पश्चात ग्राहक को एक डिजिटल क्यूआर कोड मिलेगा। यह कोड बुकिंग की पुष्टि के रूप में काम करेगा। ग्राहक को उसी दुकान पर पहुंचना होगा जिसका चयन बुकिंग के समय किया गया था। दुकान पर मौजूद कर्मचारी क्यूआर कोड का सत्यापन करेंगे और उसके पश्चात ग्राहक को संबंधित उत्पाद उपलब्ध कराया जाएगा। इससे दुकान पर पहुंचने के पश्चात दोबारा उत्पाद चुनने और भुगतान करने में लगने वाला समय कम हो सकता है।
इस व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने के बावजूद शराब की होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। ग्राहक मोबाइल से बुकिंग और भुगतान जरूर कर सकेंगे, लेकिन शराब लेने के उद्देश्य से उन्हें स्वयं चयनित सरकारी दुकान पर जाना होगा। इसी वजह से इस सेवा को घर बैठे शराब मंगाने की व्यवस्था के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसका उद्देश्य केवल खरीदारी की प्रक्रिया के शुरुआती चरणों को डिजिटल बनाना है।
बुकिंग के पश्चात ऑर्डर प्राप्त करने के उद्देश्य से समय सीमा भी निर्धारित की गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ग्राहक को बुकिंग करने के 48 घंटे के भीतर संबंधित दुकान से अपना ऑर्डर लेना होगा। इस अवधि को मद्देनजर रखते हुए ग्राहक को ऐसी दुकान चुननी चाहिए जहां वह आसानी से पहुंच सके। यदि निर्धारित समय के भीतर ऑर्डर प्राप्त नहीं किया जाता है, तो संबंधित बुकिंग पर लागू नियम और शर्तें प्रभावी हो सकती हैं।
डिजिटल बुकिंग के संग ऑर्डर रद्द करने का विकल्प भी दिया गया है। ग्राहक दुकान से उत्पाद प्राप्त करने से पूर्व अपनी बुकिंग रद्द कर सकते हैं। हालांकि, एक बार शराब ग्राहक को सौंप दिए जाने के पश्चात उसे वापस करने की सुविधा नहीं होगी। इसी वजह से बुकिंग करते समय ब्रांड, बोतल का आकार, मात्रा और दुकान के चयन की सावधानीपूर्वक जांच करना जरूरी होगा।
ऑनलाइन बुकिंग सुविधा लागू होने के बावजूद शराब की खरीदारी से जुड़े मौजूदा आबकारी नियम पहले की तरह लागू रहेंगे। दिल्ली में शराब खरीदने के उद्देश्य से निर्धारित न्यूनतम आयु सीमा 25 वर्ष है। ऐप का उपयोग करने वाले ग्राहकों को भी इस नियम का पालन करना होगा। इसके अतिरिक्त एक बार में शराब खरीदने की अधिकतम मात्रा से संबंधित प्रावधानों का भी पालन अनिवार्य रहेगा। डिजिटल भुगतान या ऑनलाइन बुकिंग से इन कानूनी सीमाओं में कोई छूट नहीं मिलेगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक बार में अधिकतम नौ लीटर व्हिस्की और 18 लीटर बीयर खरीदने की सीमा का उल्लेख किया गया है। हालांकि, ग्राहकों को खरीदारी से पूर्व संबंधित आबकारी नियमों और ऐप पर उपलब्ध शर्तों की पुष्टि करनी चाहिए। नई व्यवस्था का उद्देश्य नियमों में बदलाव करना नहीं, बल्कि मौजूदा कानूनी ढांचे के भीतर खरीदारी को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
इस पहल में डिजिटल भुगतान को विशेष महत्व दिया गया है। पहले ग्राहक को दुकान पर पहुंचकर उपलब्ध उत्पाद चुनने और भुगतान करने की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। अब मोबाइल पर पहले से भुगतान करने की वजह से दुकान पर मुख्य रूप से क्यूआर कोड का सत्यापन और उत्पाद सौंपने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे व्यस्त समय में दुकानों के बाहर भीड़ और भुगतान काउंटर पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
ऑनलाइन भुगतान से खरीदारी का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी तैयार होगा। इससे ग्राहक अपने लेनदेन का विवरण सुरक्षित रख सकेंगे और बुकिंग से संबंधित विवरण जरूरत पड़ने पर देख सकेंगे। सरकारी निगम के उद्देश्य से भी डिजिटल माध्यम से प्राप्त ऑर्डर और भुगतान का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखना आसान हो सकता है। हालांकि, इस व्यवस्था की वास्तविक उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि भुगतान और ऑर्डर सत्यापन की प्रक्रिया कितनी सुचारु रहती है।
नई डिजिटल प्रणाली का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक का विवरण है। कई बार ग्राहक किसी विशेष ब्रांड के उद्देश्य से दुकान पहुंचते हैं, लेकिन वहां पहुंचने के पश्चात उन्हें पता चलता है कि संबंधित उत्पाद उपलब्ध नहीं है। अब मोबाइल पर स्टॉक का विवरण मिलने से ग्राहक पहले ही तय कर सकेंगे कि किस दुकान पर जाना उनके उद्देश्य से उचित होगा। इससे अनावश्यक यात्रा और समय की बर्बादी कम हो सकती है।
इसके संग-साथ दुकानों के उद्देश्य से स्टॉक प्रबंधन में भी सुविधा मिलने की संभावना है। डिजिटल बुकिंग से यह जानकारी प्राप्त की जा सकेगी कि किस ब्रांड की मांग अधिक है और किन उत्पादों के उद्देश्य से ज्यादा ऑर्डर मिल रहे हैं। इस प्रकार का विवरण का उपयोग भविष्य में आपूर्ति और उपलब्धता की योजना बनाने के उद्देश्य से किया जा सकता है। हालांकि, यह लाभ तभी प्रभावी होगा जब ऐप पर स्टॉक का विवरण नियमित रूप से अपडेट की जाए और वास्तविक उपलब्धता के अनुरूप दिखाई जाए।
दिल्ली में सरकारी शराब दुकानों से संबंधित जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से पहले भी डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध रहे हैं। इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से ग्राहक दुकानों की लोकेशन और अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते थे। नई व्यवस्था में केवल जानकारी देखने के बजाय बुकिंग और भुगतान की सुविधा को भी शामिल किया गया है। इससे ग्राहकों के उद्देश्य से खरीदारी की प्रक्रिया के कई चरण एक ही डिजिटल माध्यम से पूरे करना संभव होगा।
राजधानी में काफी संख्या में लोग रोजाना विभिन्न सरकारी शराब दुकानों पर खरीदारी के उद्देश्य से पहुंचते हैं। कुछ दुकानों पर शाम के समय और सप्ताहांत में ग्राहकों की संख्या अधिक होती है। ऐसी परिस्थितियों में पहले से बुकिंग की सुविधा ग्राहकों के आवागमन को अधिक व्यवस्थित बना सकती है। जिन ग्राहकों ने पहले ही भुगतान कर दिया होगा, वे दुकान पर पहुंचकर निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया के पश्चात अपना ऑर्डर प्राप्त कर सकेंगे।
हालांकि, नई व्यवस्था के सामने कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी रहेंगी। ऐप पर स्टॉक की उपलब्धता सही दिखाई देना, भुगतान के पश्चात तुरंत क्यूआर कोड मिलना, दुकान पर उसका सत्यापन होना और निर्धारित समय में ऑर्डर उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा। यदि इनमें से किसी चरण में तकनीकी परेशानी आती है, तो ग्राहकों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से डिजिटल प्रणाली के सुचारु संचालन और दुकानों के कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी ध्यान देना आवश्यक होगा।
ऑर्डर रद्द करने और भुगतान वापसी से संबंधित प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी होना भी ग्राहकों के उद्देश्य से महत्वपूर्ण रहेगा। किसी ग्राहक को बुकिंग के पश्चात अपना निर्णय बदलना पड़े या वह निर्धारित दुकान तक नहीं पहुंच सके, तो उसे लागू शर्तों का विवरण होनी चाहिए। इसी प्रकार बुकिंग की समय सीमा और उत्पाद प्राप्त करने की प्रक्रिया भी ऐप पर स्पष्ट रूप से बताई जानी चाहिए।
इस नई सेवा का लाभ उन ग्राहकों को अधिक मिल सकता है जो डिजिटल भुगतान का नियमित उपयोग करते हैं और दुकान पहुंचने से पूर्व अपनी खरीदारी तय करना चाहते हैं। दूसरी ओर, जो ग्राहक मोबाइल ऐप या ऑनलाइन भुगतान का उपयोग नहीं करते, उनके उद्देश्य से दुकानों से सीधे खरीदारी की मौजूदा व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। नई प्रणाली का उद्देश्य ग्राहकों को अतिरिक्त सुविधा देना है, न कि पारंपरिक खरीदारी की प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त करना।
दिल्ली में सरकारी निगमों के माध्यम से 700 से अधिक शराब दुकानों के संचालन का विवरण प्रकाश में आई है। इनमें से अभी केवल DSIIDC के 208 आउटलेट्स को ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है। अन्य निगमों की दुकानों पर यह सुविधा कब शुरू होगी, इस संबंध में अभी के उद्देश्य से कोई निश्चित समय सीमा सामने नहीं आई है। नई व्यवस्था का भविष्य में विस्तार होगा या नहीं, यह इसके शुरुआती संचालन और ग्राहकों की प्रतिक्रिया पर निर्भर कर सकता है।
शुरुआती चरण में इस सुविधा के प्रति ग्राहकों की प्रतिक्रिया सीमित रहने का विवरण भी प्रकाश में आई है। ऐसे में आम लोगों को नई व्यवस्था का विवरण देना और उन्हें ऐप के इस्तेमाल की प्रक्रिया समझाना महत्वपूर्ण होगा। यदि ग्राहक आसानी से ब्रांड चुन सकें, भुगतान कर सकें और दुकान पर बिना अधिक प्रतीक्षा के ऑर्डर प्राप्त कर सकें, तो आने वाले समय में इस सुविधा के इस्तेमाल में बढ़ोतरी हो सकती है।
सरकारी खुदरा बिक्री व्यवस्था में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने की यह पहल कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है। इससे खरीदारी की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने, ग्राहकों को उपलब्ध स्टॉक का विवरण देने और भुगतान का रिकॉर्ड तैयार करने में सहायता मिल सकती है। इसके संग-साथ दुकानों पर भीड़ कम करने और कर्मचारियों के कार्यभार को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने की संभावना भी है।
अभी के उद्देश्य से दिल्ली में शराब खरीदने के उद्देश्य से ऑनलाइन बुकिंग और भुगतान की नई सुविधा शुरू हो चुकी है, लेकिन यह व्यवस्था सीमित सरकारी दुकानों तक ही उपलब्ध है। ग्राहक को शराब प्राप्त करने के उद्देश्य से चयनित आउटलेट पर स्वयं जाना होगा और निर्धारित आबकारी नियमों का पालन करना होगा। आगामी दिनों में इस डिजिटल प्रणाली का उपयोग कितना बढ़ता है और इससे ग्राहकों को कितनी सुविधा मिलती है, यह इसके वास्तविक संचालन और नागरिकों की प्रतिक्रिया से स्पष्ट होगा।






