
NDMC CNG Road Sweeper: दिल्ली में पहली पूरी तरह CNG से चलने वाली मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीन शुरू, सड़क की धूल और प्रदूषण पर लगेगी लगाम
नई दिल्ली। राजधानी में सड़कों की सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने और सड़क की धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विधायक एवं एनडीएमसी सदस्य वीरेंद्र सिंह कादियान ने 14 अक्टूबर 2026 को पालिका केंद्र से दिल्ली की पहली पूरी तरह सीएनजी से चलने वाली ट्रक-माउंटेड मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर एनडीएमसी के सचिव राहुल सिंह सहित परिषद के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विधायक निधि के माध्यम से उपलब्ध कराई गई यह मशीन राजधानी में यांत्रिक सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
नई मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीन में छह घन मीटर क्षमता वाला धूल संग्रहण हॉपर और सफाई के दौरान धूल को नियंत्रित करने के लिए जल छिड़काव प्रणाली लगाई गई है। पूरी तरह सीएनजी से संचालित यह ट्रक-माउंटेड मशीन सड़क पर जमा धूल, रेत, बजरी, छोटे पत्थरों और सूखी वनस्पति को एकत्र करके अपने संग्रहण हॉपर में जमा कर सकती है। मशीन में घूमने वाले साइड ब्रश और धूल व कचरा एकत्र करने की ऑन-बोर्ड प्रणाली भी मौजूद है। इन सुविधाओं की मदद से सड़कों की सफाई अधिक व्यवस्थित ढंग से की जा सकेगी और सफाई के दौरान धूल के दोबारा हवा में फैलने की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
एनडीएमसी की इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक मैनुअल सफाई पर निर्भरता कम करना, सफाई कार्यों की दक्षता बढ़ाना और कर्मचारियों की सुरक्षा को बेहतर बनाना है। सड़क की धूल वायु प्रदूषण के प्रमुख कारकों में से एक है, इसलिए यांत्रिक सफाई और पानी के छिड़काव के जरिए धूल को नियंत्रित करने पर जोर दिया जा रहा है। सीएनजी से संचालित मशीन को शामिल करने के पीछे शहरी सफाई व्यवस्था को अधिक आधुनिक और टिकाऊ बनाने का उद्देश्य भी है।
एनडीएमसी ने अपने अधिकार क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यकता के आधार पर मशीनीकरण की व्यापक रणनीति लागू की है। इस व्यवस्था के तहत बागवानी क्षेत्रों में सबसे पहले लीफ ब्लोअर की मदद से पत्तियां हटाई जाती हैं। इसके बाद सड़कों की सफाई करके एकत्रित बागवानी कचरे को हटाया जाता है। अगले चरण में प्रमुख एवेन्यू सड़कों पर मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीनों से सफाई की जाती है, जिससे बड़े सड़क मार्गों पर एकसमान सफाई और धूल हटाने में मदद मिलती है।
इस प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कूड़ा-कचरा संग्रहण और उच्च दबाव वाली जलधारा से सफाई की व्यवस्था भी की गई है। एनडीएमसी क्षेत्र के बाजारों, गलियारों, सार्वजनिक चौकों, फुटपाथों और सड़क किनारे के हिस्सों की गहन सफाई प्रत्येक 15 दिन में की जाती है। इन गतिविधियों को निर्धारित क्रम में संचालित करने का उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना और सफाई व्यवस्था में निरंतर सुधार लाना है।
एनडीएमसी के अनुसार, उसके क्षेत्र में पहले से 10 मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीनें संचालित हैं। ये मशीनें दिन और रात की पालियों में लगभग 350 से 400 किलोमीटर सड़क क्षेत्र की सफाई करती हैं। इनमें पांच पुरानी मशीनें शामिल हैं, जबकि पांच नई मशीनें मार्च 2026 में बेड़े में जोड़ी गई थीं। अब पूरी तरह सीएनजी से चलने वाली नई मशीन को रवाना किए जाने से यांत्रिक सफाई व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
एनडीएमसी का कहना है कि मैकेनिकल रोड स्वीपर को केंद्र में रखकर अपनाई गई एकीकृत कार्यप्रणाली सफाई गतिविधियों के बेहतर समन्वय, संसाधनों के कुशल उपयोग और सड़कों से धूल हटाने में मदद करती है। परिषद का लक्ष्य आधुनिक तकनीक और टिकाऊ कार्यप्रणालियों के माध्यम से नई दिल्ली में स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाना है। इस पहल के जरिए राजधानी को स्वच्छ, हरित और आधुनिक बनाने के साथ सड़क की धूल से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाया जाएगा।






